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Bhagalpur: टीएमबीयू में प्रमोशन की फाइल को लेकर रजिस्ट्रार और पूर्व रजिस्ट्रार आमने-सामने, जानें मामला

Updated at : 20 Dec 2024 6:10 AM (IST)
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Tilka Majhi Bhagalpur University

Tilka Majhi Bhagalpur University

Bhagalpur: टीएमबीयू में प्रमोशन की फाइल को लेकर घमासान मचा हुआ है. रजिस्ट्रार और पूर्व रजिस्ट्रार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. आइये जानते हैं क्या मामला है?

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Bhagalpur: तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में प्रमोशन की फाइल को लेकर रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे और पूर्व रजिस्ट्रार डॉ गिरिजेश नंदन कुमार आमने-सामने आ गये हैं. दरअसल, विश्वविद्यालय में वर्ष 2012 और 2015-16 में हुए प्रमोशन की फाइलों को जलाने के मामले को लेकर दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. रजिस्ट्रार प्रो रामाशीष पूर्वे ने कहा कि विश्वविद्यालय में कॉपी बेचने के क्रम में प्रमोशन की फाइल बेचने का आरोप लगाया जा रहा है, जो सरासर गलत और निराधार है. पटना से मीटिंग करने के बाद एजेंसी के कार्यालय जाकर फाइल अपने गाड़ी से लेकर आये हैं, इसमें एक भी प्रमोशन की फाइल नहीं है. उन्होंने एक वीडियो का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व रजिस्ट्रार डॉ गिरिजेश नंदन कुमार ने प्रमोशन संबंधित फाइल का निरीक्षण किया था. पूर्व रजिस्ट्रार ने वीडियो में कहा कि कूड़े के ढेर में मिली सभी फाइलें जला दी गयी है. बेवजह कुछ लोग गलत बयानबाजी कर रहे हैं.

गलत बयानबाजी कर रहे हैं रजिस्ट्रार- डॉ गिरिजेश नंदन

विश्वविद्यालय के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ गिरिजेश नंदन कुमार ने कहा कि वर्तमान रजिस्ट्रार गलत बयानबाजी कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सभी फाइलें जला दी गयी है. एक-दो फाइल जले अवस्था में मिली थी. जबकि कुछ फाइल पानी में गल गयी थी. उन्होंने कहा कि विजिलेंस विभाग प्रमोशन से संबंधित मामले को देख रहा था. इसलिए फाइलों को वहां से नहीं हटाया था. हटाने पर वह कानून के दायरा में आ जाते. इस बारे में कुलपति प्रो जवाहर लाल को सारी जानकारी दी गयी थी. इसके बाद मामले में जांच के लिये कमेटी भी बनायी गयी थी, लेकिन इस दिशा में ऊपर के अधिकारी दिलचस्पी नहीं दिखाया और जांच नहीं हो सकी.

क्या है मामला

विश्वविद्यालय में वर्ष 2012 और वर्ष 2015-16 में शिक्षकों को प्रमोशन दिया गया था. उस समय भुस्टा के अध्यक्ष ने प्रमोशन में धांधली का आरोप लगा कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिस पर कोर्ट ने पूरे मामले में विजिलेंस को जांच करने का आदेश दिया था. इसे लेकर पिछले साल विजिलेंस विभाग ने पूर्व रजिस्ट्रार डॉ गिरिजेश नंदन कुमार के कार्यकाल में पत्र भेजकर मामले की जांच कराकर 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन विश्वविद्यालय में मामले की जांच नहीं हो सकी. बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के दूसरे मंजिल स्थित आरटीआइ शाखा के बाहर बरामदे पर बड़ी संख्या में प्रमोशन से संबंधित फाइल रखी गयी थी. देखरेख के अभाव में फाइल कूड़ा का ढेर बन गया था.

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संविदा पर बीएड शिक्षक और कर्मचारियों का इंटरव्यू 21 को

टीएमबीयू के एसएम कॉलेज में बीएड कोर्स संचालित की जा रही है. विभाग में शिक्षक और कर्मचारियों की कमी है. इसे लेकर नामांकित छात्राएं बार-बार गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए संबंधित विषयों के शिक्षकों की मांग कॉलेज प्रशासन कर रही हैं. इस बाबत टीएमबीयू में संविदा पर नियुक्ति के लिए बीएड शिक्षक, हेड और कर्मचारियों का इंटरव्यू 21 दिसंबर को विश्वविद्यालय के सिंडिकेट हॉल में आयोजित की जायेगी. कुलपति प्रो जवाहर लाल की अध्यक्षता में बोर्ड साक्षात्कार होगी. एसएम कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि अभ्यर्थियों को शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ सिंडिकेट हॉल में सुबह 11 बजे रिपोर्ट करना है. जबकि दोपहर दो बजे से उनका साक्षात्कार लिया जायेगा. सभी अभ्यर्थियों को इसकी जानकारी दे दी गयी है. साथ ही उनके मेल पर भी इंटरव्यू संबंधित सूचना भेजी गयी है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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