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तीन साल ड्यूटी से गायब, फिर भी 28 लाख वेतन और इंक्रीमेंट! बिहार की नर्स ने सिस्टम को यूं बनाया मुर्गा

Updated at : 23 Apr 2025 9:02 AM (IST)
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bhagalpur nurse pic| A nurse from Bihar earned 28 lakh rupees as salary and increment while on leave for three years

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JLNMCH) में बड़ा घोटाला सामने आया है. अस्पताल की एक स्टाफ नर्स ने तीन साल तक बिना ड्यूटी किए 28 लाख रुपये वेतन और इंक्रीमेंट वसूल लिए. अब यह मामला अस्पताल प्रशासन और सिस्टम की बड़ी लापरवाही का उदाहरण बन गया है.

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Bihar News: बिहार के भागलपुर जिले स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (JLNMCH) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां तैनात एक स्टाफ नर्स ने अस्पताल प्रशासन और सरकारी सिस्टम को लगातार तीन वर्षों तक चकमा देकर न केवल घर बैठे आराम किया, बल्कि इस दौरान पूरे वेतन और सालाना इंक्रीमेंट का भी लाभ उठाती रही.

13 मार्च 2022 से छुट्टी पर थी नर्स

स्टाफ नर्स प्रतिमा कुमारी जो कि पैथोलॉजी विभाग में तैनात थी. उन्होंने 6 मार्च 2022 को ईएल (Earn Leave) के लिए आवेदन दिया था. इसके बाद 13 मार्च 2022 से छुट्टी पर चली गई और फिर कभी अस्पताल नहीं लौटी. इस दौरान उसने छुट्टियों के लिए 37 बार अलग-अलग तिथियों में आवेदन दिए, जिनमें हर बार तीन-तीन हफ्तों की छुट्टियों की मांग की गई थी. नियमों के मुताबिक, एक साल में एक कर्मचारी को अधिकतम 31 दिन की ईएल ही मिल सकती है, लेकिन प्रतिमा ने इस नियम को ठेंगा दिखाते हुए लगभग तीन साल तक छुट्टियों पर रहकर अस्पताल से करीब 28 लाख रुपये का वेतन वसूल लिया.

तीन साल तक सैलरी के साथ इंक्रीमेंट भी मिला

अभी तक की जांच में यह भी सामने आया है कि इस दौरान उसे हर साल इंक्रीमेंट भी मिला. साल 2022 और 2023 में तत्कालीन अधीक्षक डॉ. उदय नारायण सिंह ने इंक्रीमेंट की स्वीकृति दी. जबकि 2024 में डॉ. राकेश कुमार ने इंक्रीमेंट पत्र जारी किया, भले ही उन्होंने इसे प्रतिमा की सर्विस बुक में अंकित नहीं किया हो. बाद में इस पत्र को ही सर्विस बुक में चिपका दिया गया.

गड़बड़ी की हो रही जांच

अब JLNMCH प्रशासन इस गड़बड़ी की गहराई से जांच कर रहा है. यह मामला साफ तौर पर प्रशासनिक लापरवाही और आंतरिक निगरानी प्रणाली की विफलता को उजागर करता है. मामले के उजागर होने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे नजरअंदाज होती रही.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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