किन्नर से प्रेम कर शिक्षक के बेटे ने रचाई शादी, समाज के विरोध के बावजूद नहीं टूटा रिश्ता
विकाश ठाकुर के साथ सुशीला कुमारी की तस्वीर
Begusarai News : बेगूसराय में सच्चे प्यार की मिसाल, शिक्षक के बेटे ने किन्नर युवती से रचाई शादी, पहले कोर्ट मैरिज फिर हिंदू रीति-रिवाज से लिए सात फेरे. नीचे पढ़िए बेगूसराय की अनोखी लव स्टोरी.
बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai News : प्यार जब सच्चा हो तो वह समाज की बनाई हुई सीमाओं को भी पार कर जाता है. बेगूसराय जिले से ऐसी ही एक अनोखी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने सामाजिक सोच को नई दिशा देने का काम किया है. सरकारी शिक्षक के बेटे ने एक किन्नर युवती से प्रेम किया. शुरुआत में दोनों परिवारों और समाज ने इस रिश्ते का विरोध किया, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा. पहले कोर्ट मैरिज की और फिर परिवारों की सहमति मिलने के बाद हिंदू रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से शादी रचाई. अब इस शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग इस जोड़े को शुभकामनाएं देने के साथ इसे सच्चे प्रेम और सामाजिक स्वीकार्यता की मिसाल बता रहे हैं.
पहली नजर में प्यार, 2022 की मुलाकात ने बदली दोनों की जिंदगी
यह अनोखी प्रेम कहानी बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के संजात गांव से सामने आ रही है. यहां सरकारी शिक्षक अर्जुन ठाकुर के पुत्र विकास ठाकुर की मुलाकात वर्ष 2022 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान मंझौल में घनश्याम सहनी की किन्नर पुत्री सुशीला कुमारी से हुई थी. पहली मुलाकात में ही दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया. समय के साथ बातचीत दोस्ती में बदली और फिर यह रिश्ता प्रेम में बदल गया. विकास का कमला गांव स्थित अपने रिश्तेदार के यहां अक्सर आना-जाना होता था, जिससे दोनों की मुलाकातें बढ़ती गईं.

विरोध के बीच प्रेमी जोड़े ने 2023 में की कोर्ट मैरिज
दोनों ने महसूस किया कि वे जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाना चाहते हैं और शादी करने का फैसला कर लिया. हालांकि जब इस रिश्ते की जानकारी दोनों परिवारों को हुई तो शुरुआत में इसका कड़ा विरोध हुआ. सुशीला के किन्नर होने के कारण परिवार और समाज के कुछ लोगों ने इस रिश्ते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. लेकिन विकास और सुशीला अपने फैसले पर अडिग रहे. परिवार की नाराजगी के बीच दोनों ने वर्ष 2023 में कोर्ट मैरिज कर ली.
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कोर्ट मैरिज के तीन साल बाद निकली बारात, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लिए सात फेरे
शादी के बाद भी उन्हें सामाजिक तानों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद दोनों ने धैर्य, विश्वास और आपसी सम्मान के साथ अपने रिश्ते को निभाया. धीरे-धीरे उनके व्यवहार और रिश्ते की मजबूती ने परिवारों का नजरिया बदल दिया. आखिरकार दोनों परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद बीते 17 अप्रैल 2026 को पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ बारात निकाली गई. विकास ठाकुर दूल्हा बनकर धूमधाम से सुशीला के घर पहुंचे, जहां परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दोनों का विवाह संपन्न हुआ.

सोशल मीडिया पर मिल रहीं शुभकामनाएं
शादी के बाद पूरे रीति-रिवाज के साथ सुशीला की विदाई भी हुई. इस विवाह की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. लोग इस जोड़े को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रेम, विश्वास और सामाजिक बदलाव की एक सकारात्मक मिसाल बता रहे हैं. कई लोगों का कहना है कि यह कहानी बताती है कि रिश्तों की असली नींव इंसानियत, सम्मान और आपसी विश्वास होती है, न कि केवल सामाजिक पहचान.
सामाजिक बदलाव की प्रेरक मिसाल बनी यह प्रेम कहानी
बेगूसराय की यह अनोखी प्रेम कहानी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है.यह केवल दो लोगों के मिलन की कहानी नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव और स्वीकार्यता की ओर बढ़ते कदम की भी एक प्रेरक मिसाल बन गई है.

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