सदर अस्पताल की लापरवाही पर उठे सवाल, स्ट्रेचर के अभाव में तड़पता रहा मरीज, बेहोश कैदी को पुलिस ने गोद में पहुंचाया इमरजेंसी

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स्ट्रेचर से सामान ले जातीं अस्पताल कर्मचारी

Begusarai News : स्ट्रेचर के अभाव में बेहोश कैदी को गोद में लेकर दौड़े जवान, बेगूसराय सदर अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल. नीचे पढ़िए पूरी खबर.

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बेगूसराय से विकाश मिश्रा की रिपोर्ट
Begusarai News : जिले के सदर अस्पताल की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. एक ओर अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध स्ट्रेचर का इस्तेमाल इलाज के बजाय सामान ढोने में किया जा रहा था तो दूसरी ओर बेहोश मरीज को समय पर स्ट्रेचर तक न मिलने के कारण ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को उसे गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाना पड़ा. यह पूरा घटनाक्रम अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है. दरअसल, 25 जून को बेगूसराय व्यवहार न्यायालय परिसर में भीषण गर्मी के कारण एक कैदी अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा.

मानवता की मिसाल बने बिहार पुलिस के जवान, गोद में उठाकर बचाई बेहोश कैदी की जान

न्यायालय परिसर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने बिना समय गंवाए उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उन्हें तत्काल स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो सका. मजबूरी में ड्यूटी पर तैनात बिहार पुलिस के एक जवान ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बेहोश कैदी को अपनी गोद में उठाया और इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाकर उसका इलाज शुरू कराया. विडंबना यह रही कि जिस समय पुलिसकर्मी मरीज को गोद में उठाकर अस्पताल के अंदर ले जा रहे थे, उसी समय अस्पताल के स्ट्रेचर पर दवाइयों और अन्य सामान से भरे बड़े-बड़े कार्टन ढोए जा रहे थे.

बेहोश कैदी को गोद में ले जाते बिहार पुलिस के जवान

अस्पताल की अव्यवस्था उजागर, स्ट्रेचर पर सामान, मरीज गोद में…

यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया, जिसने अस्पताल की कार्यशैली और संसाधनों के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि मरीजों के लिए निर्धारित स्ट्रेचर उपलब्ध रहते, तो बेहोश कैदी को गोद में उठाकर ले जाने की नौबत नहीं आती.लोगों का आरोप है कि अस्पताल में संसाधनों के दुरुपयोग और अव्यवस्था के कारण मरीजों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच बिहार पुलिस के जवान ने जिस संवेदनशीलता, तत्परता और मानवता का परिचय दिया,उसकी हर ओर सराहना हो रही है.

मरीजों की सुविधा से खिलवाड़? बेगूसराय सदर अस्पताल की घटना ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

लोगों का कहना है कि वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि जरूरत पड़ने पर इंसानियत का सबसे बड़ा सहारा भी बनती है. अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों के लिए उपलब्ध संसाधनों का उपयोग उनके इलाज के बजाय अन्य कार्यों में किया जाएगा, तो आपात स्थिति में मरीजों को समय पर सुविधा कैसे मिलेगी. यह घटना स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं की समीक्षा और जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है.

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युवराज रतन

लेखक के बारे में

By युवराज रतन

पटना जन्मस्थली है मेरी, निष्पक्ष, तथ्यात्मक और जनहित आधारित पत्रकारिता में विश्वास करता हूं. वर्तमान में मेरा उद्देश्य बिहार के स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाना और पाठकों तक सत्यापित जानकारी पहुंचाना है. किसी भी समाचार को प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों और स्रोतों का सत्यापन करना मेरी प्राथमिकता है. पाठकों को विश्वसनीय, निष्पक्ष और जनहितकारी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हूं.

प्राथमिक शिक्षा संत जेवियर्स हाई स्कूल, पटना से पूरी करने के बाद संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नॉलजी से बैचलर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन से स्नातक किया हूं. 2020 से पटना स्थित मीडिया संस्थान न्यूज 4 नेशन में एंकर सह प्रोड्यूसर के पद पर डेढ़ वर्षों तक काम किया. इसके उपरांत जून 2022 से इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (I-PAC) में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर रहते हुए डिजिटल कम्यूनिकेशन टीम में कार्य करने का मौका मिला. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के पद पर हूं इसके माध्यम से नागरिकों के पास तथ्यात्मक और सही सूचनाएँ, खबर और अपडेट देने का कार्य कर रहा हूं.

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