Aurangabad News : साहित्य के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य किया जा रहा

Published by : AMIT KUMAR SINGH_PT Updated At : 01 Apr 2025 10:42 PM

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Aurangabad News :मगही भाषा में प्रकाशित पुस्तक अखरा में औरंगाबाद के 11 साहित्यकार का आलेख संकलित

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औरंगाबाद/अंबा. औरंगाबाद जिला साहित्य सम्मेलन द्वारा साहित्य के क्षेत्र में लगातार बेहतर कार्य किया जा रहा है. विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से तथा समय-समय पर बतकही का आयोजन कर युवा पीढ़ी को भी साहित्य से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है. जिला साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह, समकालीन जवाबदेही पत्रिका के संपादक सह साहित्य सम्मेलन के उपाध्यक्ष डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के प्रो डॉ कुमार वीरेंद्र आदि का भरपूर योगदान रहा है. इनके नेतृत्व में साहित्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों का एक कारवां बनता जा रहा है. जिले में आयोजित होने वाले महोत्सव के माध्यम से भी साहित्य का बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है, इसमें अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी का अहम योगदान रहा है. इसका परिणाम है कि जिले के विभिन्न साहित्यकारों द्वारा अलग-अलग कई पुस्तकें भी प्रकाशित की गश्र है. समकालीन जवाबदेही के अब तक सात अंक प्रकाशित किये गये हैं, जिसके एक-एक अंक में 50 से अधिक आलेख है. यही नहीं डालटेनगंज, गया, नवादा, पटना समेत बिहार एवं झारखंड के विभिन्न जगहों से प्रकाशित पुस्तकों में औरंगाबाद से जुड़े साहित्यकारों के आलेख का संकलन मिलता है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि अखिल भारतीय मगही प्रचारणी सभा गया द्वारा निकली गयी मगही साहित्य की तिमाही अखरा नामक पुस्तक में अलग-अलग साहित्य प्रेमी द्वारा मगही भाषा में लिखे गये 19 आलेख का प्रकाशन किया गया है, जिसमें 11 आलेख औरंगाबाद जिले से जुड़े साहित्यकारों का शामिल है. प्रधान संपादक डॉ सच्चिदानंद प्रेमी के नेतृत्व में रविवार को गया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा उक्त पुस्तक का विमोचन किया गया. औरंगाबाद से जिनके लेख का संकलन उक्त पुस्तक में किया गया है, उनमें डॉ सुरेंद्र प्रसाद मिश्रा के अलावा धनंजय जयपुरी, डॉ हेरम्ब मिश्रा, सिद्धेश्वर विद्यार्थी, अवध किशोर मिश्रा, लव कुश प्रसाद सिंह, चंदन कुमार, सुषमा सिंह, अंबुज पांडेय व विनय मामूली बुद्धि का नाम शामिल है. पुस्तक के लोकार्पण के दौरान डॉ मिश्रा ने मगध के लोक संस्कृति पर अपना व्याख्यान देते हुए मगही भाषा को प्रचारित करने की आवश्यकता बतायी है. पुस्तक 19 आलेख में 11 आलेख औरंगाबाद के साहित्य प्रेमी का होने से साहित्य प्रेमियों में खुशी की लहर है. हर्ष जताने वालों में गोकुल सिंह, रामजी सिंह, उज्जवल रंजन आदि शामिल है.

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