मदनपुर. सरस्वती पूजा 23 जनवरी को मनायी जायेगी. इसे लेकर गांव-गांव में युवाओं द्वारा तैयारी की जा रही है. जिला मुख्यालय से करीब 24 किलोमीटर पूरब ऐतिहासिक उमगा पर्वत है. जो धार्मिक दृष्टिकोण से अति महत्वपूर्ण है. बसंत पंचमी पर यहां पर ऐतिहासिक तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमे दूर-दूर से लाखों लोग शामिल होते है. इस बार यहां पर 23, 24 व 25 जनवरी को मेला का आयोजन किया जायेगा. मेले को लेकर तैयारी जोरो पर है. मंदिर परिसर के नीचे जगह-जगह पर दुकानदारों द्वारा अपना-अपना जगह चिह्नित किया जाने लगा है. वहीं, पर्वत के उतर एवं दक्षिण दिशा में झूला, ब्रेक डांस, मौत का कुआं, सर्कस सहित अन्य कई प्रकार के मनोरंजन के साधन लगाये जा रहे है. ज्ञात हो कि इस मेले में हजारों दुकानें लगाई जाती है. यहां पर स्थानीय के साथ दूर-दूर से दुकानदार आते है और अपना व्यवसाय करते है. यह मेला जो एक तरफ से लोगों के लिए मनोरंजन का बेहतरीन साधन है, तो वहीं लोगों के लिए आय का महत्वपूर्ण स्रोत है. यह धार्मिक स्थल 52 देवी-देवताओं का शक्तिपीठ है, जहां पर भगवान सूर्य, शंकर, गणेश, माता उमंगेश्वरी सहित कई देवी-देवताओं की मूर्ति स्थापित है. यहां लाखों लोग कई राज्यों से श्रद्धालु दर्शन करने आते है. मेला के दौरान यहां का नजारा आकर्षक होता है. भीड़ को नियंत्रण करने को लेकर पुलिस बल की भी तैनाती की जाती है. इस बार का मेला और भी भव्य तरीके से आयोजन करने की तैयारी आयोजकों द्वारा की जा रही है.
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