औरंगाबाद ग्रामीण. प्रदेश सरकार राज्य के सभी जिला अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है. सरकार का लक्ष्य है कि आम लोगों को बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पतालों या महंगी जांचों पर निर्भर न रहना पड़े. इसी कड़ी में राज्य के मॉडल अस्पतालों में अत्याधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. इसी पहल के तहत अब सदर अस्पताल के सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में इलेक्ट्रोलाइट एवं थायरायड जांच की सुविधा शीघ्र शुरू की जायेगी. जानकारी के अनुसार पहले चरण में इलेक्ट्रोलाइट जांच की सुविधा बहाल की जायेगी. इसको लेकर सोमवार को अस्पताल प्रबंधक प्रफुल्ल कांत निराला ने सेंट्रल पैथोलॉजी लैब का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने लैब इंचार्ज कमाख्या नारायण शुक्ला से इलेक्ट्रोलाइट एवं थायरायड जांच से जुड़ी तैयारी की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया. अस्पताल प्रबंधक ने बताया कि इलेक्ट्रोलाइट जांच के माध्यम से शरीर में सोडियम, पोटेशियम और क्लोराइड जैसे आवश्यक तत्वों की कमी या असंतुलन का पता लगाया जाता है. इन तत्वों की कमी से मरीजों में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, खासकर किडनी, हृदय, न्यूरोलॉजिकल और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के इलाज में यह जांच अत्यंत आवश्यक होती है. उन्होंने बताया कि अब तक सदर अस्पताल में इलेक्ट्रोलाइट जांच की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को यह जांच निजी लैब में करानी पड़ती थी, जहां उन्हें एक जांच के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते थे. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता था, लेकिन अब सदर अस्पताल में यह सुविधा शुरू हो जाने से मरीजों को राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा. लैब इंचार्ज कमाख्या नारायण शुक्ला ने बताया कि इलेक्ट्रोलाइट जांच के लिए आवश्यक मशीन और तकनीकी संसाधन जल्द ही उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इसके बाद थायरायड जांच की सुविधा भी शुरू की जाएगी, जिससे हार्मोन से संबंधित बीमारियों की जांच में भी मरीजों को सहूलियत होगी. थायरायड जांच विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और लंबे समय से बीमार मरीजों के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है.
अस्पताल में 92 तरह की हो रही जांच
गौरतलब ही कि सदर अस्पताल के सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में वर्तमान में कुल 92 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है. यहां की जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पूरे बिहार में एक अहम स्थान रखती है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार इस लैब को नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) से प्रमाणित किया गया है, जो इसकी गुणवत्ता और सटीकता को दर्शाता है. इसके अलावा सदर अस्पताल की पैथोलॉजी लैब की जांच प्रक्रिया की मॉनिटरिंग देश के प्रतिष्ठित संस्थानों सीएमसी वेल्लोर और पीजीआई लखनऊ द्वारा की जाती है. इससे यहां होने वाली जांचों की गुणवत्ता लगातार बनी रहती है. अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इलेक्ट्रोलाइट और थायरायड जांच की सुविधा शुरू होने से सदर अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत होंगी. इससे न सिर्फ जिले के मरीजों को फायदा मिलेगा, बल्कि आसपास के इलाकों से आने वाले मरीजों को भी बेहतर और सस्ती जांच सुविधा उपलब्ध होगी. स्वास्थ्य विभाग के इस कदम से आम जनता में सकारात्मक संदेश गया है और लोगों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सदर अस्पताल में और भी आधुनिक जांच व उपचार सुविधाएं शुरू की .डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

