औरंगाबाद शहर. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं को नशा के दुष्प्रभाव से अवगत कराने और नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार प्रथम, प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल और उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार राय ने हरी झंडी दिखाकर नशामुक्ति रैली को रवाना कर की. रैली में राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेट, उत्पाद विभाग के सिपाही और अर्द्ध विधिक स्वयंसेवक शामिल हुए. सभी ने बैनर और तख्ती लेकर शहर के मुख्य मार्गों पर लोगों को जागरूक किया. इसके बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकार और प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “नशामुक्ति एवं तनावमुक्त समाज” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय अरुण कुमार, प्राधिकार सचिव तान्या पटेल और ब्रह्माकुमारी सबिता ने संबोधित किया. ब्रह्माकुमारी सबिता ने तनाव के कारण और निदान पर चर्चा करते हुए लोगों को नशा न करने और सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित किया. सचिव ने नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्राधिकार के प्रयासों की जानकारी दी और कहा कि व्यक्ति से घर, गांव, पंचायत, प्रखंड और जिले तक जागरूकता फैलाकर नशामुक्त भारत की परिकल्पना साकार की जा सकती है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि कानूनों के बावजूद समाज की सक्रिय भागीदारी जरूरी है. कार्यक्रम में नशामुक्ति और जीवन के महत्व पर आधारित गीत भी प्रस्तुत किए गए. कार्यक्रम का संचालन अभिनंदन कुमार ने किया.
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