बंगाल चुनाव 2026 के पहले एसआईआर सुनवाई से बढ़ी बेचैनी, अमर्त्य सेन के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी के वीसी तलब

अमर्त्य सेन और चिरंजीव भट्टाचार्य.
SIR Bengal: बंगाल चुनाव 2026 के पहले पूरे प्रदेश में चल रही एसआईआर सुनवाई से लोगों की बेचैनी बढ़ गयी है. नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन के बाद अब जादवपुर यूनिवर्सिटी के वीसी को सुनवाई के लिए चुनाव आयोग की ओर से तलब किया गया. हालांकि, वे एसआईआर प्रक्रिया का विरोध करते हैं, लेकिन वाइस चांसलर सुनवाई में शामिल हुए और अपने तमाम दस्तावेज जमा करवाये.
Table of Contents
SIR Bengal: पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर घबराहट का माहौल बना हुआ है. कवि जय गोस्वामी और नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के बाद अब जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल के अध्यक्ष चिरंजीव भट्टाचार्य को भी एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया है. वे रविवार को जादवपुर के काटजूनगर स्थित स्वर्णमयी विद्यालय में पेश हुए. चिरंजीव भट्टाचार्य ने पूरी प्रक्रिया पर नाराजगी जाहिर करते हुए पूछा कि इसका कोई सार्थक उद्देश्य है.
एसआईआर की पृष्ठभूमि
पश्चिम बंगाल सहित देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया 27 अक्तूबर 2025 से शुरू हुई. मतदाता ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित होने के बाद अब सुनवाई का दौर चल रहा है. बड़ी संख्या में लोगों को सुनवाई के लिए जरूरी दस्तावेजों के साथ बुलाया जा रहा है.
तृणमूल कांग्रेस कर रहा एसआईआर प्रक्रिया का विरोध
तृणमूल कांग्रेस पहले ही एसआईआर के नाम पर आम लोगों को परेशान करने का आरोप लगा चुकी है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 5 पत्र लिख चुकी हैं. सुनवाई के दौरान बुजुर्ग और बीमार लोगों को लाइन में खड़े देखा जा रहा है, जिससे तनाव का माहौल बना हुआ है.
SIR Bengal: बुजुर्गों से मुलाकात, टिप्पणी से परहेज
रविवार को जिस स्कूल में चिरंजीव भट्टाचार्य पहुंचे, वहां उन्होंने कई बुजुर्गों से मुलाकात की. इनमें से कुछ लोग ठीक से चलने में भी असमर्थ थे. हालांकि, इन मुद्दों पर उन्होंने कोई टिप्पणी करने से परहेज किया.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पहले भी उठा चुके हैं आवाज
कुछ दिन पहले चिरंजीव भट्टाचार्य ने बांग्ला भाषा और उसके अधिकारों के मुद्दे पर मौलाली यूथ सेंटर में ‘बांग्ला एकता मंच’ की ओर से आयोजित एसआईआर विरोधी बैठक में भाषण दिया था. इसके बाद शिक्षा जगत के लोग उन्हें इस तरह सुनवाई में पेश होते देख हैरान हैं.
अन्य चर्चित लोगों को भी किया गया तलब
अभिनेता से नेता बने देव 14 जनवरी को काटजूनगर स्वर्णमयी विद्यालय में सुनवाई में पेश होंगे, जबकि क्रिकेटर मोहम्मद शमी 20 जनवरी को हियरिंग के लिए जायेंगे.
कौन हैं चिरंजीव भट्टाचार्य
चिरंजीव भट्टाचार्य कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 93 के जादवपुर में 21ए नॉर्थ रोड में रहते हैं. उन्होंने कोलकाता में ही पढ़ाई की. उनका लंबा शैक्षणिक करियर है. वर्ष 1983 में उन्होंने लेकटाउन के एक स्कूल से माध्यमिक की परीक्षा पास की थी. बाद में वहीं लंबे समय तक अध्यापन किया. वर्तमान में वह जादवपुर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल के अध्यक्ष हैं.
इसे भी पढ़ें
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को फिर लिखी चिट्ठी, कहा- SIR में AI के इस्तेमाल से हो रही परेशानी
मुर्शिदाबाद में फंदे से लटका मिला बीएलओ, परिवार ने कहा- एसआईआर के दबाव ने ले ली जान
एसआईआर के बीच खुद को वैध मतदाता साबित करने के लिए संघर्ष कर रहे बुजुर्ग, बीमार और दिव्यांग
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




