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मकर संक्रांति से पहले गंगासागर में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री का दावा- 45 लाख लोगों ने सागर में लगायी डुबकी

Updated at : 12 Jan 2026 10:09 PM (IST)
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Gangasagar Mela West Bengal News Today

सिर पर सामान रखकर श्रद्धालु पहुंच रहे गंगा स्नान के लिए गंगासागर. फोटो : पीटीआई

Gangasagar Mela: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के गंगासागर में हर साल मकर संक्रांति के दिन लगने वाले मेले के पहले ही इस बार अब तक 45 लाख लोग डुबकी लगा चुके हैं. राज्य के मंत्री अरूप सरकार ने गंगासागर मेला क्षेत्र में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया. उनका कहना है कि चूंकि इस बार कुंभ मेला नहीं लगेगा, इसलिए इस बार करोड़ों लोग गंगासागर में पुण्य स्नान के लिए आ सकते हैं.

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Gangasagar Mela 2026| गंगासागर से शिव कुमार राउत : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के सागरद्वीप स्थित गंगा और सागर के मिल स्थल पर हर साल मकर संक्रांति से पहले गंगासागर मेला लगता है. इस दिन इस मोक्ष नगरी में लाखों लोग पुण्य स्नान करने आते हैं. इस बार संक्रांति से पहले 12 जनवरी को दोपहर 3 बजे तक 45 लाख श्रद्धालुओं ने गंगासागर पहुंच कर सागर में डुबकी लगा ली है. राज्य के बिजली मंत्री अरूप विश्वास ने सोमवार को यह दावा किया.

अरूप विश्वास का दावा- करोड़ों लोग आ सकते हैं गंगासागर

अरूप विश्वास गंगासागर के मेला ऑफिस में जिलाधिकारी की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. मंत्री ने इस दौरान दावा किया कि इस वर्ष मकर संक्रांति से पहले 1 से 12 जनवरी दोपहर 3 बजे तक 45 लाख लोग आस्था की डुबकी लगा चुके है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष कुंभ मेला नहीं लगेगा. इसलिए सागरद्वीप पहुंचने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या करोड़ों में हो सकती है. उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के दिन बढ़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए पूरी व्यवस्था कर ली गयी है.

गंगासागर मेला में परफॉर्म करती डांसर. फोटो : पीटीआई

Gangasagar Mela: 14 और 15 के लिए यातायात की विशेष व्यवस्था

परिवहन मंत्री स्नेहाशीष चक्रवर्ती ने बताया कि, 14 और 15 जनवरी को गंगासागर में भीड़ बढ़ सकती है. इसलिए सागर मेले के लिए यातायात व्यवस्था को और बेहतर किया गया है. मंत्री ने बताया कि इस वर्ष हावड़ा और बाबूघाट से लॉट 8 तक 3600 सरकारी और निजी बसें चलायी जा रहीं हैं. कचुबेरिया से गंगासागर तक 300 बसें चलायी जा रही हैं. मूरीगंगा नदी को पार करने के लिए 45 बार्ज, 13 वेसल, 120 लांच (बड़ी नावें) चलायी जा रहीं हैं. इसके अलावा बीमार श्रद्धालुओं को गंगा पार कराने के लिए 3 वाटर एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी है.

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अब तक 82 श्रद्धालु अपनों से बिछड़े, 80 को परिजनों से मिलाया गया

इस वर्ष गंगासगार मेले के दौरान 82 श्रद्धालु अपनों से बिछड़ गये थे. पुलिस और एनजीओं की मदद से इनमें से 80 बिछड़े लोगों को उनके परिवार से मिला दिया गया है. शेष 2 लोगों के बिछुड़ने की सूचना सोमवार को मिली है. जल्द ही उन्हें भी उनके परिजनों से मिलवा दिया जायेगा.

सागर तट पर स्नान करने के लिए पहुंचे श्रदधालु. फोटो : पीटीआई

संवाददाता सम्मेलन में ये लोग भी थे मौजूद

संवाददाता सम्मेलन में दक्षिण 24 परगना के जिलाधिकारी अरविंद कुमार मीणा, दमकल मंत्री सुजीत बोस , सुंदरवन विकास मंत्री बंकिम चंद्र हाजरा, कोलकाता नगर निगम के आयुक्त व दक्षिण 24 परगना के पूर्व डीएम सुमित गुप्ता, मंत्री बेचाराम मन्ना, पीएचइ मंत्री पुलक राय, सिचाई मंत्री मानस भुइयां समेत अन्य गणमान्य उपस्थित थे.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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