हजारीबाग: सेफ्टी टैंक हादसे के 36 घंटे बाद भी FIR नहीं, महुआ शराब की गैस से गई थी 3 की जान

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Hazaribagh Septic Tank

हजारीबाग पुलिस

Hazaribagh Septic Tank: हजारीबाग के कटकमदाग थाना क्षेत्र के कुद गांव में सेफ्टी टैंक में महुआ शराब की जहरीली गैस से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के 36 घंटे बाद भी FIR दर्ज नहीं हुई है. थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने कहा कि आवेदन का इंतजार है.

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हजारीबाग से जयनरायण की रिपोर्ट

Hazaribagh Septic Tank, हजारीबाग : हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत कुद गांव में हुए दिल दहला देने वाले सेफ्टी टैंक हादसे को 36 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इस मामले में अब तक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की जा सकी है. एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत के इस गंभीर मामले में परिजनों द्वारा लिखित शिकायत न दिए जाने के कारण पुलिस फिलहाल उहापोह की स्थिति में है.

सेफ्टी टैंक में भारी मात्रा में रखी महुआ शराब बनी ‘काल’

गौरतलब है कि बीते 26 मई की रात करीब 9 से 10 बजे के बीच कुद गांव निवासी आनंद साव के घर के सेफ्टी टैंक में दम घुटने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. जानकारी के अनुसार, टैंक के भीतर भारी मात्रा में अवैध महुआ शराब छिपाकर रखी गई थी. लंबे समय तक बंद रहने के कारण टैंक के अंदर अत्यधिक जहरीली गैस बन गई. हादसे की रात जब महुआ शराब निकालने के लिए लोग एक-एक कर टैंक के अंदर उतरे, तो वे जहरीली गैस की चपेट में आ गए. दम घुटने के कारण चमेली देवी, रवि साव और मदन साव की मौके पर ही मौत हो गई.

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पत्नी, भाई और बेटे को बचाने में गृहस्वामी भी गंभीर रूप से घायल

टैंक के भीतर अपनी पत्नी, भाई और बेटे को तड़पता देख गृहस्वामी आनंद साव ने भी अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचाने के लिए टैंक में छलांग लगा दी. इस प्रयास में वे भी जहरीली गैस के कारण गंभीर रूप से घायल (अचेत) हो गए. उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की असमय मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.

आवेदन मिलते ही दर्ज होगी प्राथमिकी: थाना प्रभारी

इस पूरे मामले पर कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि घटना के 36 घंटे बाद भी परिजनों या स्थानीय ग्रामीणों की ओर से प्राथमिकी दर्ज करने के लिए कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है. पुलिस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है. थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि परिजनों की ओर से आवेदन प्राप्त होते ही तुरंत सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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