औरंगाबाद में भाजपा के पांव के नीचे से खिसकी राजनीतिक जमीन

Published at :09 Nov 2015 7:20 PM (IST)
विज्ञापन
औरंगाबाद में भाजपा के पांव के नीचे से खिसकी राजनीतिक जमीन

औरंगाबाद में भाजपा के पांव के नीचे से खिसकी राजनीतिक जमीन औरंगाबाद कार्यालय औरंगाबाद जिले में विधानसभा चुनाव का परिणाम अप्रत्याशित माना जा रहा है. किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इस चुनाव में भाजपा व सहयोगी दलों की स्थिति इतनी खराब होगी. डेढ साल पहले जब लोकसभा चुनाव हुआ था तो भाजपा […]

विज्ञापन

औरंगाबाद में भाजपा के पांव के नीचे से खिसकी राजनीतिक जमीन औरंगाबाद कार्यालय औरंगाबाद जिले में विधानसभा चुनाव का परिणाम अप्रत्याशित माना जा रहा है. किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इस चुनाव में भाजपा व सहयोगी दलों की स्थिति इतनी खराब होगी. डेढ साल पहले जब लोकसभा चुनाव हुआ था तो भाजपा को बड़ी कामयाबी मिली थी और इसी से लोगों का अनुमान था कि इस बार कम से कम चार सीट एनडीए जरूर जीतेगी. लेकिन चुनाव में मात्र एक गोह विधानसभा का सीट किसी प्रकार भाजपा जीती. वैसे मतगणना के 10वें राउंड तक यहां भी भाजपा प्रत्याशी पीछे चलते रहे लेकिन जैसे ही गोह प्रखंड का मतगणना प्रारंभ हुआ, भाजपा प्रत्याशी अपने विपक्षी पर बढ़त बनाने लगे और अतंत: इन्हें सात हजार 742 मत से जीत भी मिली. भाजपा के लिए इज्जत बचाने का यह एक सीट रहा. अन्यथा यहां से तो सूपड़ा ही साफ हो जाता. वैसे राजनीति के जाने-माने लोगों का कहना है कि औरंगाबाद जिले में भाजपा के पांव के नीचे से राजनीतिक जमीन खिसक गयी है. पूर्व मंत्री को बड़ी पराजयविधानसभा चुनाव में औरंगाबाद सीट सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा था. यहां से भाजपा के कद्दवार नेता व स्थानीय विधायक रामाधार सिंह चुनाव लड़ रहे थे. पार्टी में इनका काफी प्रभाव था. इनको चुनाव जीताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, भूपेंद्र यादव, उपेंद्र कुशवाहा, नंदकिशोर यादव, डाॅ सीपी ठाकुर जैसे नेताओं की सभाएं हुई. सुशील कुमार मोदी ने तो इनके लिए रोड शॉ तक किया,लेकिन सबसे अधिक मत से पराजित होने वाले प्रत्याशी जिले में रहे. इनका पराजय होने के बाद आम चर्चाएं चल रही है कि एक साधारण कद का युवक ने इन्हें उस परिस्थिति में परास्त किया है, जिनके समर्थन में कांग्रेस की कोई बड़ी सभा नहीं हुई. देव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभा हुई थी. रजोई में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाब नबी आजाद की सभाएं हुई थी. लेकिन जनता का मिजाज टटोलने के लिए इनके पास चाण्क्य जरूर थे. कांग्रेस के विजयी प्रत्याशी आनंद शंकर के पिता यमुना सिंह राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी माने जाते हैं. दो बार स्वयं चुनाव लड़ चुके थे. लंबे समय तक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भी रहे थे और इस चुनाव में पूरी कमान अपने हाथों में थाम रखा था. नवीनगर विधानसभा में भी भाजपा को पराजय झेलनी पड़ी, लेकिन यहां मतों का अंतर पांच हजार के आस-पास रहा. भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह का पराजय से नवीनगर विधानसभा में भाजपा की नींब ही हिल गयी है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन