भक्तों ने सूर्यदेव का दर्शन-पूजन कर मांग आशीर्वाद

Published by : SUJIT KUMAR Updated At : 10 May 2026 5:04 PM

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तेज धूप व गर्मी में भी कम नहीं हुई आस्था, देव सूर्य मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़

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तेज धूप व गर्मी में भी कम नहीं हुई आस्था, देव सूर्य मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़ प्रतिनिधि, देव. जेठ माह के दूसरे रविवार को ऐतिहासिक पौराणिक सूर्य मंदिर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. चिलचिलाती धूप व तपिश भी भक्तों की आस्था को नहीं डिगा सकी. कई जिले व सुदूर क्षेत्र से आये भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगीं. भीड़ की स्थिति को संभालने के लिए मंदिर प्रबंधक ने खुद मोर्चा संभाला. करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद भीड़ को नियंत्रित कर कतारबद्ध किया गया. माला-फूल, नारियल प्रसाद लेकर मंदिर की ओर बढ़े. मंदिर की सीढ़ियों पर मत्था टेक कतारबद्ध हो गये. जयकारे के साथ गर्भगृह पहुंच भगवान ब्रह्मा, विष्णु, महेश आदि देवताओं का विधिवत दर्शन-पूजन किया. खासकर, लगन के मौसम में दर्शन पूजन करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है. हर दिन दर्जनों नवदंपती भगवान का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं. रविवार को हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का दर्शन-पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना की. मान्यता है कि शादी के बाद दर्शन-पूजन करने वाले नवदंपती का जीवन सुखमयी होता है. वैसे मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. घंट-घड़ियाल, शंखनाद व भगवान के जयकारे से वातावरण भक्तिमय हो उठा. मंदिर की परिक्रमा करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा. सूर्य मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देव थानाध्यक्ष के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे. पुरुष व महिला सिपाही सुरक्षा में तैनात रहे. महिला व पुरुष अलग-अलग कतार में होकर श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किया. औरंगाबाद के अलावा गया जी, रोहतास, अरवल, कैमूर, नवादा, जहानाबाद व झारखंड के पलामू समेत अन्य जिलों से श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे. मंदिर में भगवान सूर्य तीन रूपों में विराजमान हैं. ऐसी मान्यता है कि तीन स्वरूपी भगवान सूर्य के दर्शन मात्र से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. भगवान की मिलती है विशेष कृपा प्रधान पुजारी राजेश पाठक, मृत्युंजय पाठक, सुभाष पाठक, अमित पाठक आदि पुजारी ने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि जेठ के पवित्र माह में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिमूर्ति) की पूजा करने का विशेष महत्व है. त्रिविक्रम रूप की पूजा से जाने-अनजाने में किये गये सभी पाप नष्ट होकर शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है. सूर्य भगवान की पूजा करने से आयु बढ़ती है. स्वास्थ्य सुधरता है और जीवन में यश-मान-सम्मान प्राप्त होता है. तीर्थ स्नान, दान-पुण्य और व्रत से इस समय कई गुना अधिक पुण्य फल मिलता है. यहां पवित्र सूर्यकुंड में स्नान कर भगवान सूर्य के दर्शन-पूजन करने से भगवान की विशेष कृपा मिलती है. सुबह से लगी रही भक्तों की कतार न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह ने कहा कि रविवार को देव सूर्य मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की कतार लगी रही. देव मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का कष्ट न हो, इसके लिए हमेशा तत्पर रहती है.

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