Vaibhav Suryavanshi Fails in Captaincy: भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को अंडर 19 क्रिकेट का बड़ा सितारा माना जा रहा है. कम उम्र में शानदार बल्लेबाजी से उन्होंने सबका ध्यान खींचा है. अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 (U19 World Cup 2026) से पहले साउथ अफ्रीका दौरा उनके लिए खुद को साबित करने का अच्छा मौका था. इस दौरे में उन्हें पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी भी सौंपी गई. लेकिन साउथ अफ्रीका की जमीन पर कप्तान के रूप में उनका पहला मैच उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. वैभव सस्ते में आउट हो गए और भारतीय टीम की शुरुआत भी कमजोर रही.
पहली बार कप्तानी का मिला मौका
भारत और साउथ अफ्रीका की अंडर 19 (India U19 vs South Africa U19) टीमों के बीच तीन वनडे मैच की सीरीज की शुरुआत 3 जनवरी से हुई. इस सीरीज में भारतीय टीम की कमान सिर्फ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को दी गई. वह भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे युवा कप्तान भी बन गए. दरअसल नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे और उप कप्तान विहान मल्होत्रा चोट के कारण इस दौरे से बाहर हो गए थे. ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने वैभव पर भरोसा जताया. कम उम्र में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना अपने आप में बड़ी बात थी और सभी की नजरें उनके प्रदर्शन पर टिकी थीं.
बल्ले से नहीं चला जादू
अब तक जहां जहां वैभव ने बल्लेबाजी की है वहां उनके बल्ले की धमक देखने को मिली है. लेकिन साउथ अफ्रीका की पिच पर उनकी शुरुआत फीकी रही. बतौर कप्तान अपनी पहली पारी में वह सिर्फ 12 गेंद ही खेल सके. इस दौरान उन्होंने 11 रन बनाए जिसमें दो चौके शामिल थे. वह भारतीय पारी के सातवें ओवर की पहली गेंद पर आउट हुए. वह टीम इंडिया के दूसरे विकेट के रूप में पवेलियन लौटे. इससे पहले ओपनर ऐरन जॉर्ज दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर आउट हो गए थे.
टॉप ऑर्डर का खराब प्रदर्शन
पहले वनडे में भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर पूरी तरह दबाव में नजर आया. ऐरन जॉर्ज और वैभव सूर्यवंशी के जल्दी आउट होने से टीम मुश्किल में आ गई. इसके बाद विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू और वेदांत त्रिवेदी ने पारी को संभालने की कोशिश की. दोनों के बीच 33 रन की साझेदारी हुई जिससे लगा कि टीम वापसी कर सकती है. लेकिन यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी. 14वें ओवर में अभिज्ञान कुंडू रन आउट हो गए और इसके साथ ही टीम की मुश्किलें फिर बढ़ गईं.
आगे सुधार की उम्मीद
कुंडू के आउट होने के अगले ही ओवर में वेदांत त्रिवेदी भी पवेलियन लौट गए. इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ा गई. हालांकि यह सीरीज अभी लंबी है और वैभव सूर्यवंशी के पास खुद को साबित करने के और मौके होंगे. कप्तानी का दबाव और विदेशी हालात किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण होते हैं. उम्मीद है कि अगले मैचों में वैभव अपने खेल से वापसी करेंगे और टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे. अंडर 19 वर्ल्ड कप से पहले यह दौरा उनके सीखने और निखरने का अहम मौका माना जा रहा है.
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