IND vs ZIM: रिंकू से कैच छूटा तो सबने कहा, वो तो ऐसा नहीं करते; सुबह खबर आई- पिता नहीं रहे

रिंकू सिंह से कैच छूटा (बाएं), अपने पिता के साथ रिंकू (दाएं). फोटो- एक्स.
IND vs ZIM: रिंकू सिंह टीम इंडिया के मध्यक्रम के धाकड़ बल्लेबाज ही नहीं फील्डिंग के दौरान मेन इन ब्लू के ‘चीते’ हैं. लेकिन टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 मैच में जिम्बॉब्वे के खिलाफ उनसे वैसी चूक हुई, जो किसी के लिए भी विश्वास करने लायक नहीं थी. शाम को उनके चेहरे ने शायद सब बयां कर दिया था.
IND vs ZIM: भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को शुक्रवार को गहरा आघात लगा. उनके पिता खानचंद सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद निधन हो गया. यह दुखद घटना शुक्रवार तड़के हुई. जबकि इससे एक रात पहले रिंकू मैदान पर टीम इंडिया को जिताने में लगे थे. भले ही रिंकू मैदान पर थे, लेकिन उनका मन और दिल उनके पापा के पास लगा हुआ था, क्योंकि उन्होंने मैच के दौरान ऐसी गलती की, जो अमूमन उनसे नहीं होती.
रिंकू सिंह वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का हिस्सा हैं. हालांकि गुरुवार को जिम्बॉब्वे के खिलाफ एक अहम मैच में वह प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, लेकिन भारतीय टीम की फील्डिंग के दौरान वह मैदान पर जरूर उतरे. रिंकू के चेहरे पर टेंशन साफ नजर आ रहा था. पिता अस्पताल में और टीम इंडिया का अहम मैच; केवल जीत जरूरी नहीं, बल्कि सेमीफाइनल का टिकट भी दांव पर लगा था.
टेंशन में थी टीम इंडिया
भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 256 रन बनाए, सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत अपना नेट रन रेट सुधारना चाहता था, लेकिन 5 ओवर बीत जाने के बाद भी भारत के खाते में कोई विकेट नहीं था. इसी बीच छठा ओवर लेकर आए वरुण चक्रवर्ती, उनके ओवर की पहली ही गेंद पर तदिवानाशे मारुमानी ने जोरदार छक्का मारा. टीम इंडिया थोड़ी चिंतित नजर आने लगी. स्कोरबोर्ड पर 5.1 ओवर में बिना विकेट 39 रन बन गए.
रिंकू ने वो कर दिया, जो उनसे रेयर मामलों में होता है
वरुण के इसी ओवर में चौथी गेंद डाली, मैच की कहानी में थोड़ा सा मोड़ आया, लेकिन रिंकू से लॉन्ग-ऑन पर तदिवानाशे मरुमानी का एक बेहद आसान कैच छूट गया. अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे और अहमदाबाद में एक खराब रात झेल चुके वरुण ने निराशा में अपना चेहरा ढक लिया. हार्दिक पंड्या ने हाथों से जोरदार इशारे किए.
वह आमतौर पर ऐसे कैच नहीं छोड़ते. यह स्लॉग-स्वीप शॉट था, जिसे मरुमानी ठीक से टाइम नहीं कर पाए. रिंकू पीछे की ओर दौड़े और पारंपरिक तरीके से कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से फिसल गई. मरुमानी को जीवनदान मिल गया. क्रिकबज ने इस मोमेंट पर कमेंट्री की, ‘रिंकू इस समय किसी और ही सोच में नजर आए.’ जो बिल्कुल सही थी. रिंकू कहीं और थे शायद अपने पिता के नजदीक, शरीर से नहीं बल्कि मन से.
सोशल मीडिया ने रिंकू को ट्रोल करना शुरू कर दिया
शायद जीत इतनी पक्की नजर आ रही थी कि भारत की तेजी थोड़ी कम हो गई. ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों का हडल काफी जोशीला दिखा, जहां सूर्यकुमार उन्हें संभलने और अपना खेल सुधारने के लिए प्रेरित करते नजर आए. सोशल मीडिया पर लोगों ने रिंकू सिंह को ट्रोल करना शुरू कर दिया, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भी उनसे एक कैच छूटा था. रिंकू के दिमाग में कुछ और ही चल रहा था, शायद अनहोनी का अंदेशा, जो सुबह होते ही घट गई.
कैंसर से लंबी जंग के बाद रिंकू के पिता ने ली आखिरी सांस
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह ग्रेटर नोएडा के यशार्थ हॉस्पिटल में भर्ती थे. अस्पताल के पीआरओ ने बताया, ‘चौथे चरण के कैंसर से जूझने के बाद आज सुबह 5 बजे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने अंतिम सांस ली.’ रिंकू के लिए सोशल मीडिया पर क्रिकेट फ्रैटरनिटी और प्रशंसकों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त की. लेकिन एक यूजर ने इस घटना की सामाजिक सच्चाई को बयान किया है.
कासिम हुसैन ने लिखा, ‘कल जब रिंकू सिंह से वह कैच छूटा, तो कई लोग तुरंत उनकी आलोचना करने लगे. लेकिन हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि खिलाड़ी पहले इंसान होते हैं. हम उन्हें शायद ही कभी ऐसी गलती करते देखते हैं, फिर भी कई बार मैदान के बाहर की लड़ाइयाँ मैदान की चुनौतियों से कहीं ज्यादा भारी होती हैं. अपने प्रियजनों की चिंता और दर्द चुपचाप सबसे मजबूत कंधों को भी झुका सकते हैं. आज उन्होंने अपने पिता को खो दिया है. इस कठिन समय में रिंकू सिंह और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं. ईश्वर उन्हें इस दुख को सहने की शक्ति और शांति प्रदान करे.’
स्टेज-4 को पार नहीं कर सके रिंकू के पिता
रिंकू सिंह के पिता की तबीयत हाल के दिनों में काफी बिगड़ गई थी. उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल चुका था. स्टेज-4 लिवर कैंसर बीमारी का सबसे गंभीर चरण होता है, जिसमें इलाज बेहद कठिन हो जाता है. दवाइयों से दर्द कम करने और बीमारी की रफ्तार धीमी करने में मदद मिल सकती है, लेकिन इलाज के बावजूद खानचंद सिंह इस बीमारी से उबर नहीं सके.
टीम से कुछ समय दूर रह सकते हैं रिंकू
रिंकू T20 World Cup 2026 के दौरान गुरुवार को चेन्नई में जिम्बॉब्वे के खिलाफ मैच के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे. वे जिम्बाब्वे मुकाबले से पहले टीम छोड़कर गए थे, लेकिन अहम मैच से पहले दोबारा जुड़ गए थे. अब उम्मीद है कि वे टीम से कुछ समय का ब्रेक लेकर परिवार के साथ रहेंगे. रविवार को कोलकाता में होने वाले भारत बनाम वेस्ट इंडीज सुपर-8 मुकाबले में उनकी उपलब्धता पर भी संशय है. इस मैच में भी विजेता बनेगा वह सेमीफाइनल में पहुंचेगा.
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लेखक के बारे में
By Anant Narayan Shukla
इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट. करियर की शुरुआत प्रभात खबर के लिए खेल पत्रकारिता से की और एक साल तक कवर किया. इतिहास, राजनीति और विज्ञान में गहरी रुचि ने इंटरनेशनल घटनाक्रम में दिलचस्पी जगाई. अब हर पल बदलते ग्लोबल जियोपोलिटिक्स की खबरों के लिए प्रभात खबर के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
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