गोपालगंज: विधायक अमरेंद्र पांडेय और सतीश पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत
Published by : YUVRAJ RATAN Updated At : 30 May 2026 8:36 PM
जदयू विधायक व सतीश पांडेय की फाइल फोटो
Gopalganj News : जमीन पर कब्जे के प्रयास में फायरिंग, पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा
Gopalganj News (संजय कुमार अभय) : कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय व उनके बाहुबली भाई सतीश पांडेय को सुप्रीम कोर्ट से सुप्रीम राहत मिल गयी है. यह राहत सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची, न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की बेंच से मिली है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्र, कुमारी अंजूल द्विवेदी, सौरभ तिवारी, राम शंकर के पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि सभी संबंधित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, और मामले की खूबियों पर कोई राय व्यक्त किए बिना, यह निर्देश दिया जाता है कि जब तक उच्च न्यायालय द्वारा मामले की प्रभावी सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक एफआइआर संख्या 161/2026 के तहत याचिकाकर्ताओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी. इस बीच, याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया जाता है कि वे अपनी लंबित याचिका के शीघ्र निपटारे के लिए उच्च न्यायालय में उचित आवेदन प्रस्तुत करें. साथ ही, उच्च न्यायालय से अनुरोध है कि मामले की सुनवाई को प्राथमिकता दें और प्रभावी आदेश पारित करें.
लंबित मुकदमों के बीच याचिकाकर्ताओं को सुप्रीम कोर्ट से संरक्षण
कोर्ट को दलील रखते हुए श्री मिश्र ने कहा कि बिहार राज्य विधानसभा के वर्तमान सदस्य, जो छह बार निर्वाचित हो चुके हैं, और याचिकाकर्ता संख्या 2 उनके बड़े भाई हैं. इस विवाद में एक ओर याचिकाकर्ता हैं और दूसरी ओर निजी प्रतिवादी. इस संबंध में सिविल न्यायालय में टाइटल सूट संख्या 255/2024 और 662/2024 लंबित हैं. याचिकाकर्ताओं का दावा है कि उनके पिता ने सितंबर 1978 में पंजीकृत विक्रय विलेख के माध्यम से संबंधित भूमि खरीदी थी. हालांकि, अब उनके खिलाफ कथित विभिन्न अपराधों के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं. वरिष्ठ वकील ने यह स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर निरस्तीकरण याचिका पटना उच्च न्यायालय में लंबित है. याचिकाकर्ताओं को आशंका है कि गर्मी की छुट्टियों के कारण, याचिका लंबित होने के बावजूद पुलिस उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है. उसके बाद कोर्ट ने गुण- दोष को बिना टिप्पणी किये हाइकोर्ट से अनुरोध किया कि वे प्राथमिकता के आधार पर याचिका की सुनवाई कर प्रभावी निर्णय पारित करे.
ताला तोड़ने और फायरिंग का आरोप
मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय ने एक अप्रैल को कुचायकोट थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया था कि वह मुजफ्फरपुर निवासी विमल प्रसाद सिन्हा की पत्नी किरन सिन्हा के कारिंदे हैं. प्राथमिकी के अनुसार, बेलवा गांव में किरन सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन है, जिस पर गेहूं की फसल लगी हुई थी. जमीन देखने पहुंचने पर वहां मौजूद लोगों ने कथित तौर पर जमीन अपने नाम कराने का दबाव बनाया. आरोप है कि आरोपितों ने पांच कमरों का ताला तोड़कर अपना ताला लगा दिया और जान मारने की नीयत से फायरिंग भी की. सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से भोला पांडेय उर्फ राकेश पांडेय, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार और नीतीश कुमार को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि राहुल तिवारी मौके से फरार हो गया था. प्राथमिकी में सतीश पांडेय और उनके विधायक भाई अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय को साजिशकर्ता बताया गया है.
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