Vat Savitri Vrat 2024 यहां जानें पूजा विधि और पूजन का शुभ मुहूर्त

Vat Savitri Vrat 2024
Vat Savitri Vrat 2024: इस साल वट सावित्री का व्रत 6 जून 2024 दिन गुरुवार को है. वट सावित्री की शुरुआत 6 जून को सुबह 5 बजकर 34 मिनट पर होगी. जानें वट सावित्री के दिन किस विधि-विधान से पूजा-पाठ कर सकते हैं. साथ ही शुभ मुहूर्त क्या है.
Vat Savitri Vrat 2024: वट सावित्री व्रत का त्योहार ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष अमावस्या को यह व्रत मनाया जाता है. यह व्रत अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन सत्यवान सावित्री तथा यमराज की पूजा की जाती है. व्रती को इस दिन फल खा सकती है. व्रत रखने वाली महिलाएं का सुहाग अचला होता है. सावित्री ने इसी व्रत के प्रभाव से अपने मृतक पति सत्यवान को धर्मराज से भी जीत लिया था. इस व्रत को करने से महिलाओ को अखंड सौभाग्य प्राप्त होती है साथ ही विवाहित जीवन खुशहाल होता है.
Vat Savitri Vrat 2024: क्यों कि जाती है वट वृक्ष के नीचे पूजा
वट वृक्ष अपनी विशालता के लिए भी प्रसिद्ध है.पीपल की तरह वट या बरगद के पेड़ का भी विशेष महत्व है पाराशर मुनि के अनुसार- ‘वट मुले टोपवासा’ ऐसा कहा गया है. पुराणों में यह स्पष्ट किया गया है कि वट में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है.इसके नीचे बैठकर पूजन, व्रत कथा आदि सुनने से मनोकामना पूरी होती है.
Vat Savitri Vrat 2024: इस दिन रखा जाएगा व्रत
06 जून 2024 दिन गुरुवार को व्रत किया जायेगा. अमावस्या तिथि का आरम्भ 05 जून 2024 रात्रि 07:54 मिनट से आरम्भ होगा.अमावस्या तिथि का समाप्त 06 जून 2024 को रात्रि 06:07 मिनट में समाप्त होगा.
Vat Savitri Vrat 2024: पूजा विधि
सूर्योदय के पहले उठकर स्नान कर ले ,स्वस्छ वस्त्र धारण करे बरगद के पेड़ के निचे सावित्री तथा सत्यवान का प्रतिमा स्थापित करे, पेड़ को जल दूध घी शहद तथा फुल से पूजन करे साथ वट वृक्ष में धागा 108 बार लपेटते हुए परिक्रमा कर,घी का दीपक जलाए पुरे दिन निर्जला व्रत रखे सूर्यास्त के बाद भोजन करे .
Vat Savitri Vrat 2024: पूजन सामाग्री
गुलाल, अबीर, सिंदूर पान के पता, सुपारी, रक्षा के सूत रंगीन, दिया, रूई बाती, अगरबती, माचिस, फूल, फूलमाला, दूध, दही, पंचमेवा, श्रृंगार के वस्तु, बांस का बना पंखा, मिट्टी का सुराही, वस्त्र गंगाजल, तांबे या पीतल का लोटा पूजन के लिए थाली, कपूर, वस्त्र सफेद,
Vat Savitri Vrat 2024: अगर बन रहा है पितृ दोष तो करें ये उपाय
परिवार में पितृदोष बना हुआ है इस दिन वट वृक्ष का पूजन करने के बाद कला कपड़ा दान करे इससे परिवार में बने हुए पितृदोष से राहत मिलेगा.
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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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By Shaurya Punj
मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.
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