Saptahik Vrat: सप्ताह के हर एक दिन किस लिए रखा जाता है व्रत? जानें आध्यात्मिक महत्व

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 07 Dec 2025 9:30 PM

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Saptahik Vrat

Saptahik Vrat: हिंदू धर्म में रविवार का दिन ग्रहों के राजा सूर्यदेव को समर्पित हैं तो सोमवार का दिन भगवान शिव और चंद्र देवता के लिए समर्पित है. आइए जानते हैं कि सप्ताह के किस दिन का व्रत किन देवताओं और मनोकामनाओं के लिए रखा जाता है. 

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Saptahik Vrat: हिंदू धर्म में देवी-देवताओं को समर्पित सप्ताह के हर दिन के व्रत का कोई न कोई भगवान या ग्रह से संबंध होता है. हिंदू धर्म के लोग अपने विशेष कामना के लिए विशेष व्रत रखते हैं. इन व्रतों को करने से लोगों को आध्यात्मिक लाभ के साथ शारीरिक और मानसिक लाभ भी मिलते हैं. 

रविवार का व्रत

हिंदू धर्म में रविवार का व्रत सूर्य देव को समर्पित माना जाता है. इस व्रत से  सूर्य नारायण की कृपा मिलती है. इससे जातक का तेज और आत्मविश्वास तो बढ़ता ही है साथ ही मान-सम्मान भी प्राप्त होता है. इस व्रत को सुख-सौभाग्य के साथ साथ शत्रुओं पर विजय पाने के लिए भी रखा जाता है.

सोमवार का व्रत

सोमवार का व्रत भगवान शिव और चंद्र देव की उपासना के लिए रखा जाता है. इस दिन के व्रत से मानसिक शांति तो मिलती ही है साथ ही धन-वैभव में भी वृद्धि होती है. 

मंगलवार का व्रत

मंगलवार का दिन हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन के व्रत से बजरंगबली साहस और ऊर्जा प्रदान करते हैं. साथ ही इससे भूमि, भवन और वाहन सुख की तो प्राप्ति होती है. माना जाता है कि इस व्रत से मंगल दोष भी शांत होता है.

बुधवार का व्रत

बुधवार के दिन व्रत करने पर बुध ग्रह और भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इस व्रत के पुण्ण से बुद्धि-विवेक में वृद्धि होती है और साथ ही कैरियर और व्यापार में भी उन्नति होती है.

गुरुवार का व्रत

गुरुवार का दिन भगवान विष्णु के लिए समर्पित है. गुरुवार का व्रत रखने से कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, जिससे सुख, सौभाग्य और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है.

शुक्रवार का व्रत

शुक्रवार देवी लक्ष्मी और शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है. यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सुख-साधन और आर्थिक समृद्धि तो लाता ही है और साथ ही इससे दांपत्य सुख और वैभव भी बढ़ता है.इस दिन व्रत रखने से पुत्र की आयु भी बढ़ती है.

शनिवार का व्रत

शनिवार का दिन शनिदेव के लिए समर्पित है.माना जाता है कि इस दिन व्रत रखने से शनि दोष दूर होता है और जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. इस व्रत से लोहे और मशीन से संबंधित कारोबार में भी लाभ मिलता है.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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