मृत्यु को याद रखो, जीवन सुधरेगा: जया किशोरी का गहरा संदेश

Updated at : 12 Mar 2026 9:53 AM (IST)
विज्ञापन
Jaya Kishori message

जया किशोरी का जीवन संदेश

Jaya Kishori message: जया किशोरी ने श्रीमद्भागवत कथा में बताया कि मृत्यु का स्मरण, अच्छी संगत और भगवान की भक्ति मनुष्य के जीवन को सही दिशा देती है और उसे अहंकार, लालच और बुरे कर्मों से दूर करती है.

विज्ञापन

Jaya Kishori message: प्रसिद्ध कथा वाचिका जया किशोरी अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को भक्ति, जीवन मूल्यों और आध्यात्मिकता का संदेश देती हैं. उनके अनुसार श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक कथा नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के जीवन को सही दिशा देने वाली अमृतधारा है. यह कथा हमें जीवन का सच्चा उद्देश्य समझाती है और भगवान की भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है.

नीचे दिए गए प्रसंग के माध्यम से जया किशोरी ने जीवन, मृत्यु, संगत और समर्पण का गहरा संदेश दिया है.

संगत का जीवन पर गहरा प्रभाव

जया किशोरी बताती हैं कि मनुष्य के जीवन में संगत यानी साथियों का बहुत बड़ा महत्व होता है. व्यक्ति जिस तरह के लोगों के साथ रहता है, धीरे-धीरे वैसा ही उसका स्वभाव बन जाता है.

अगर मनुष्य अच्छे विचारों वाले लोगों के साथ रहता है तो उसके विचार, व्यवहार और जीवन भी सकारात्मक बन जाते हैं. वहीं यदि संगत गलत हो तो उसका प्रभाव भी नकारात्मक पड़ता है. यही कारण है कि माता-पिता हमेशा अपने बच्चों की मित्र मंडली और संगत पर ध्यान देते हैं.

मनुष्य जिस व्यक्ति के साथ अधिक समय बिताता है, वह अनजाने में ही उसकी भाषा, आदतें और सोच को अपनाने लगता है. इसलिए यदि जीवन में आगे बढ़ना है और कुछ अच्छा करना है, तो अच्छे मित्रों और सकारात्मक सोच वाले लोगों की संगति करना बेहद जरूरी है.

मृत्यु का स्मरण जीवन को सुधार देता है

जया किशोरी एक सुंदर प्रसंग के माध्यम से समझाती हैं कि यदि मनुष्य हर पल मृत्यु को याद रखे तो उसका जीवन अपने आप सुधर सकता है.

उन्होंने एक कहानी सुनाई कि एक व्यक्ति अपने भविष्य के बारे में जानने के लिए एक संत के पास गया. संत ने उससे कहा कि उसकी मृत्यु केवल 10 दिनों में होने वाली है. यह सुनकर वह व्यक्ति घबरा गया और अगले दस दिनों में उसने अपने जीवन को पूरी तरह बदल दिया.

उसने जिन लोगों को दुख पहुंचाया था उनसे माफी मांगी, भगवान की भक्ति में मन लगाया और दान-पुण्य करना शुरू कर दिया. लेकिन जब 15 दिन बाद भी वह जीवित रहा तो वह संत के पास गया और पूछा कि आपने मुझे गलत क्यों बताया?

तब संत ने मुस्कुराकर कहा कि जो परिवर्तन तुम्हारे जीवन में आया, वह पहले क्यों नहीं आया? जब तुम्हें लगा कि मृत्यु सामने खड़ी है, तब तुमने सही जीवन जीना शुरू कर दिया.

इस प्रसंग का संदेश यह है कि यदि मनुष्य हर दिन यह याद रखे कि जीवन अनिश्चित है और अगला पल किसी को नहीं पता, तो वह झगड़े, लालच और बुरे कर्मों से दूर हो जाएगा और प्रेम, भक्ति तथा अच्छे कर्मों की ओर बढ़ेगा.

भजन-कीर्तन में ताली बजाने का महत्व

कथा में आगे जया किशोरी ने भजन और कीर्तन में ताली बजाने के महत्व को भी समझाया.

उनके अनुसार ताली बजाने से मन में ऊर्जा का संचार होता है. इससे आलस्य और नकारात्मकता दूर होती है और मनुष्य का अहंकार भी कम होता है. जब व्यक्ति पूरे मन से भजन और कीर्तन में शामिल होता है, तो उसका मन भगवान की भक्ति में अधिक एकाग्र हो जाता है.

सुखदेव मुनि की कथा से मिलने वाली शिक्षा

कथा के दौरान सुखदेव मुनि के जन्म का प्रसंग भी बताया गया. मान्यता है कि भगवान शिव एक बार माता पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे. उसी समय एक तोते के बच्चे ने यह कथा सुन ली.

आगे चलकर वही तोता महान ऋषि सुखदेव मुनि के रूप में जन्मे. बाद में उन्होंने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा सुनाई. इस कथा के माध्यम से राजा परीक्षित को मोक्ष का मार्ग प्राप्त हुआ.

यह प्रसंग बताता है कि भगवान की कथा और भक्ति मनुष्य को आध्यात्मिक ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाती है.

भक्ति में समर्पण सबसे महत्वपूर्ण

कथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश समर्पण है. जया किशोरी कहती हैं कि भक्ति का पहला कदम समर्पण होता है. जब मनुष्य अपने अहंकार को छोड़कर पूरी श्रद्धा के साथ भगवान पर विश्वास करता है, तब भगवान भी उसकी सहायता अवश्य करते हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि जीवन अनिश्चित है, इसलिए भगवान की भक्ति को बुढ़ापे तक टालना उचित नहीं है. जब मनुष्य युवा और सक्षम होता है, तभी उसे भगवान का स्मरण, भजन और शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए.

अंत में यही संदेश दिया गया कि ज्ञान का मार्ग कठिन हो सकता है, लेकिन भक्ति का मार्ग सरल और प्रभावी है. सच्ची श्रद्धा और प्रेम से की गई भक्ति से भगवान स्वयं भक्त के जीवन में आ जाते हैं और उसका मार्गदर्शन करते हैं.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola