बिहार में खनिजों की आवाजाही हुई महंगी, बाहर से आने वाले वाहनों पर लगेगा ट्रांजिट टैक्स

Updated at : 12 Mar 2026 9:21 AM (IST)
विज्ञापन
Bihar News

Vijay Kumar Sinha

Bihar News: बिहार सरकार ने खनिज परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. अब दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले लघु खनिज से लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य होगा. यह नियम बालू, पत्थर, स्टोन चिप्स, मोरम और स्टोन डस्ट जैसे सभी लघु खनिजों के परिवहन पर लागू होगा.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार सरकार ने अवैध खनन और टैक्स चोरी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है. अब यूपी, झारखंड या अन्य किसी भी पड़ोसी राज्य से बालू, गिट्टी या पत्थर लेकर बिहार की सीमा में घुसना आसान नहीं होगा.

नीतीश सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है, जिसके तहत हर खनिज लदे वाहन को सीमा पर ही ‘ट्रांजिट पास’ दिखाना अनिवार्य होगा. इस फैसले से न केवल राजस्व बढ़ेगा, बल्कि उन माफियाओं पर भी लगाम लगेगी जो अवैध तरीके से खनिजों का परिवहन करते थे.

सीमा पर डिजिटल पहरा

बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया है कि अब पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा. नई व्यवस्था के तहत राज्य की सभी सीमाओं पर हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जो सीधे मुख्यालय के कंट्रोल रूम से जुड़े होंगे. दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य कर दिया गया है.

अगर वाहन के चालान में वजन लिखा है, तो ₹60 प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से भुगतान करना होगा. वहीं, आयतन अंकित होने की स्थिति में ₹85 प्रति घनमीटर की दर तय की गई है. यह शुल्क न केवल परिवहन को वैधानिक बनाएगा, बल्कि राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज करेगा.

बालू-पत्थर के अवैध खेल पर लगा ‘रेड सिग्नल’

बिहार में बालू, स्टोन चिप्स, मोरम और स्टोन डस्ट जैसे लघु खनिजों का परिवहन हमेशा से विवादों और अवैध वसूली के घेरे में रहा है. सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को अब सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बिना वैध ट्रांजिट पास के एक भी पहिया आगे न बढ़े.

सरकार की मंशा साफ है—अवैध खनन के जरिए होने वाली काली कमाई के रास्ते को पूरी तरह बंद करना.

राजस्व की ‘रफ़्तार’ और पारदर्शी व्यवस्था

इस नई नीति का सबसे बड़ा फायदा राज्य के राजस्व को होने वाला है. ट्रांजिट पास की इस व्यवस्था से खनिज परिवहन पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बन जाएगा. जो खनिज पहले चोरी-छिपे बिहार में खपा दिए जाते थे, अब उनका एक-एक पैसा सरकारी खाते में जमा होगा.

निर्माण कार्यों के लिए दूसरे राज्यों से सामग्री मंगवाने वाले लोगों और ठेकेदारों के लिए भी अब नियम साफ हैं—कागज पक्के रखें, वरना सीमा पर ही गाड़ी जब्त होना तय है.

Also Read: बिहार में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, डिप्टी सीएम बोले- ब्लैक मार्केटिंग करने वालों पर होगी कार्रवाई

विज्ञापन
Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन