ePaper

Shailaputri Mata Aarti: मां शैलपुत्री की आरती, मंत्र और महत्व

Updated at : 07 Oct 2025 2:48 PM (IST)
विज्ञापन
मां शैलपुत्री की आरती | Shailaputri Mata Ki Aarti Lyrics in Hindi

शैलपुत्री मां की आरती देखें यहां

Shailaputri Mata Aarti: नवरात्रि के प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है. पर्वतराज हिमालय की पुत्री यह देवी शक्ति, संयम और स्थिरता की प्रतीक हैं. मां शैलपुत्री की आरती व मंत्र का जाप करने से जीवन में सुख, स्वास्थ्य, सौभाग्य और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है तथा नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

विज्ञापन

Shailaputri mata Aarti: नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है. मां शैलपुत्री नवदुर्गा का पहला रूप हैं. इन्हें पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण “शैलपुत्री” कहा जाता है. माता शैलपुत्री को शक्ति, संयम और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. नवरात्रि के प्रथम दिन इनकी पूजा का विशेष महत्व है.

मां शैलपुत्री की आरती (Shailputri Mata Aarti)

शैलपुत्री मां बैल असवार। करें देवता जय जयकार।

शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने न जानी।

पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।

ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।

सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने उतारी।

उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।

घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।

श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित शीश झुकाएं।

जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद चकोरी अंबे।

मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।

मां शैलपुत्री का मंत्र

बीज मंत्र:

ॐ शैलपुत्र्यै नमः॥

ध्यान मंत्र:

वन्दे वांच्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥

नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री मां शैलपुत्री को लगाएं भोग

मां शैलपुत्री का परिचय

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा होती है। “शैल” का अर्थ पर्वत और “पुत्री” का अर्थ बेटी है, यानी मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं. इन्हें सती का ही अवतार माना जाता है, जिन्होंने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए पुनः जन्म लिया था. मां शैलपुत्री सौभाग्य, शक्ति और शांति की अधिष्ठात्री देवी हैं.

ये भी पढ़े : दुर्गा जी की आरती | श्री दुर्गा चालीसा | मां ब्रह्मचारिणी की आरती | मां चंद्रघण्‍टा की आरती | मां कूष्मांडा देवी की आरती | स्‍कंदमाता की आरती | मां कात्यायनी की आरती | माता कालरात्रि की आरती | माता महागौरी जी की आरती | मां सिद्धिदात्री की आरती

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola