यूजीसी की पहल

Published by : संपादकीय Updated At : 04 May 2023 8:14 AM

विज्ञापन

प्रस्तावित सीयू-चयन पोर्टल पर जो भी संस्थान होंगे, उनमें आवेदन के लिए एक ही खाते से लॉग इन किया जा सकेगा.

विज्ञापन

हमारे विश्वविद्यालयों और उनके अधीनस्थ महाविद्यालयों एवं संस्थानों में अध्यापकों और कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में अनेक समस्याएं हैं. सबसे बड़ी मुश्किल तो यह यह होती है कि सही समय में जानकारी न होने की वजह से बहुत से अभ्यर्थी कई जगहों पर आवेदन ही नहीं कर पाते हैं. इसके समाधान के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उल्लेखनीय पहल की है.

आयोग के अध्यक्ष प्रो एम जगदीश कुमार ने बताया है कि सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भर्ती की पूरी प्रक्रिया अब एक समर्पित वेब पोर्टल- सीयू-चयन- के माध्यम से संचालित की जायेगी. इस पोर्टल पर रिक्तियों और विज्ञापन की सूचना तो होगी ही, साथ ही परीक्षा और साक्षात्कार के लिए चुने गये लोगों को इसके मार्फत सूचित भी किया जायेगा. इस पोर्टल पर जो भी संस्थान होंगे, उनमें आवेदन के लिए एक ही खाते से लॉग इन किया जा सकेगा.

इस सुविधा से अभ्यर्थी आसानी से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे और सहूलियत से आवेदन भेज सकेंगे. विश्वविद्यालय के पास भी आवेदनों के बारे में अद्यतन जानकारी होगी. आवेदन छांटने वाली समिति की टिप्पणियों को भी इस पोर्टल पर दर्ज किया जा सकेगा. इससे सबसे बड़ा लाभ तो यह होगा कि देश के एक कोने में बैठा अभ्यर्थी दूसरे कोने में स्थित विश्वविद्यालय में आवेदन कर सकेगा.

यूजीसी देश के विश्वविद्यालयों के नियमन की शीर्ष संस्था है, पर केंद्रीय विश्वविद्यालयों को समुचित स्वायत्तता भी प्राप्त है. वे अपने संस्थान की भर्ती प्रक्रिया को अपने नियमों एवं निर्देशों से संचालित करने के लिए स्वतंत्र हैं. आयोग के प्रमुख ने यह भी रेखांकित किया है कि इस पोर्टल से उनकी इस स्वायत्तता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. उल्लेखनीय है कि यूजीसी ने कुछ समय से पठन-पाठन को डिजिटल तकनीक से जोड़ने, क्रेडिट व ग्रेड प्रणाली को सरल बनाने, अध्ययन सामग्री को डिजिटल रूप में मुहैया कराने, वांछनीय योग्यता में सकारात्मक बदलाव करने से अनेक ठोस उपाय किये हैं.

यह अक्सर देखा गया है कि अनेक विश्वविद्यालयों के अपने पोर्टल सुस्त गति से काम करते हैं और उन पर अद्यतन जानकारी भी नहीं होती है. सीयू-चयन पोर्टल से इस कमी को दूर किया जा सकेगा. राज्यों के अधीन चलने वाले विश्वविद्यालयों की बहुत बड़ी संख्या है. साथ ही, देश में निजी विश्वविद्यालय भी बहुत हैं. इन संस्थानों को यूजीसी के साथ मिलकर प्रस्तावित पोर्टल में भागीदारी करनी चाहिए. इस प्रयास से वैसे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों की सेवा का लाभ भी बहुत से संस्थान उठा सकेंगे, जो कुछ विश्वविद्यालयों में भर्ती के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षारत रहते हैं या तदर्थ अध्यापक के रूप में काम करते हैं.

विज्ञापन
संपादकीय

लेखक के बारे में

By संपादकीय

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola