Advertisement

other state

  • Jul 22 2019 1:46PM
Advertisement

#Chandrayaan2 का सफल प्रक्षेपण, देशभर में जश्न, ISRO प्रमुख और PM मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

#Chandrayaan2 का सफल प्रक्षेपण, देशभर में जश्न, ISRO प्रमुख और PM मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई

चंद्रयान-2 के सफलता पूर्वक लॉन्चिंग के बाद इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि इस मिशन के लिए पिछले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण रहे. उन्होंने इस सफलता के लिए पूरे टीम को बधाई दी. उनकी मेहनत को सलाम किया. उन्होंने  कहा कि पूरी टीम इस टारगेट को पूरा करने के लिए बीते एक साल से लगातार काम कर रही थी. संसद के दोनों सदन में भी चंद्रयान-2 के सफल प्रक्षेपण पर वैज्ञानिकों को बधाई दी गयी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्‌वीट करके वैज्ञानिकों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 पूरी तरह से स्वदेशी मिशन है.

सिवन ने कहा कि टीम इसरो  अपना घर-परिवार छोड़कर पिछले 7 दिनों से चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग के लिए दिन-रात एक कर दिया. के सिवन ने कहा कि चांद की तरफ चला अपना चंद्रयान-2. बाहुबली रॉकेट ने चंद्रयान को सही जगह पर सही समय पर पहुंचा दिया है. सात सिंतबर को विक्रम लैंडर चांद की सतह पर उतरेगा. इसके बाद रोवर प्रज्ञान(रोबोट) चांद की सतह की जानकारी देगा. 

अंतरिक्ष की दुनिया में हिंदुस्तान ने आज एक बार फिर इतिहास रच दिया है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन यानी इसरो ने सोमवार दोपहर 2.43 मिनट पर सफलतापूर्वक चंद्रयान-2 को लॉन्च किया. 


चांद पर कदम रखने वाला ये हिंदुस्तान का दूसरा सबसे बड़ा मिशन है.चंद्रयान-2 अभी शुरुआती दौर में हैं. इसरो की तरफ से कहा गया है कि अभी रॉकेट की गति बिल्कुल सामान्य है. यानी अभी ये यान इसरो की प्लानिंग के हिसाब से ही चल रहा है.


अब से बस थोड़ी ही देर बाद  भारत के महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग होगी. देश- दुनिया की निगाह अभी चंद्रयान-2 पर लगी है.  


‘बाहुबली’ नाम से चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट  में  लिक्विड हाइड्रोजन की फिलिंग पूरी हो गई है. ठीक 2.43 बजे चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाएगा, श्रीहरिकोटा स्थितइसरो के मिशन कंट्रोल सेंटर में  250 वैज्ञानिक निगरानी कर रहे हैं.


 

अंतरिक्ष की दुनिया में हिंदुस्तान आज इतिहास बनाने जा रहा है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन(इसरो) आज चंद्रयान-2 लॉन्च करेगा.  आज दोपहर 2.43 मिनट पर इसे लॉन्च किया जाएगा. ‘बाहुबली’ नाम से चर्चित जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट सामान्य तरीके से काम कर रहा है. इसमें ईंधन भरने का कार्य जारी है.  रॉकेट में पहले तरल ऑक्सीजन को भरा गया. अब तरल हाइड्रोजन को भरा जा रहा है.


राकेट अपने लॉन्चिंग तिथि के 48वें दिन चंद्रमा पर पहुंचेगा. भारत के बड़े मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को देखने के लिए लोगों में खासा उत्साह है और इसे लाइव देखने के लिए अब तक 7,134 लोगों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है. इसरो ने हाल ही में आम लोगों के लिए रॉकेट लॉन्चिंग प्रक्रिया को लाइव देखने की शुरुआत की है. लोग विशेष तौर पर बनाई गई एक गैलरी में बैठकर चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग देख सकते हैं. इसमें कुल 10 हजार लोगों के बैठने की क्षमता है. 

चंद्रयान-2 के लॉन्च से पहले ISRO इस मिशन के बारे में पूरी जानकारी दे रहा है. चांद और पृथ्वी के बीच में 3,84,000 किमी की दूरी है. इस दूरी को पूरा करने में कुल 48 दिन लगेंगे.


 
इस बेहद कठिन मिशन को लक्ष्य तक पहुंचाना किसी करिश्मे से कम नहीं होगा. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्चिंग के बाद मिशन को चांद तक पहुंचने में 40 दिन से ज्यादा का समय लगने वाला है. इस मिशन के सबसे तनावपूर्ण क्षण चांद पर लैंडिंग से पहले के 15 मिनट होंगे.


 
खुद भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के चीफ के सिवन ने कहा है कि लैंडिंग के अंतिम 15 मिनट बेहद चुनौतीपूर्ण रहेंगे क्योंकि उस दौरान हम ऐसा कुछ करेंगे जिसे हमने अभी तक कभी नहीं किया है. याद हो कि 15 जुलाई को क्रायोजेनिक इंजन में लीकेज के कारण चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग अंतिम क्षणों में टालनी पड़ी थी। 

Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement