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Chanakya Niti: दिन-रात मेहनत के बाद भी नहीं मिलती सफलता? आपकी ये 5 आदतें धीरे-धीरे बना रही हैं बेकार

Updated at : 18 Dec 2025 7:51 PM (IST)
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Chanakya Niti

आचार्य चाणक्य की तस्वीर, Pic Credit- Chatgpt

Chanakya Niti: दिन-रात मेहनत करने के बावजूद सफलता नहीं मिल रही? चाणक्य नीति के अनुसार कुछ गलत आदतें इंसान की मेहनत को बेकार कर देती हैं. जानिए वे 5 आदतें, जिनसे बचकर आप सफलता की राह आसान बना सकते हैं.

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Chanakya Niti: मेहनत के बावजूद सफलता न मिलना कई लोगों की सबसे बड़ी शिकायत होती है. लोग अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए दिन-रात काम करता हैं, लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं आता. लेकिन मेहनत से ही सब कुछ हासिल नहीं हो जाता है. इसके लिए जरूरत है तो सही प्लानिंग की. इसे लेकर आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में साफ कहा है कि केवल परिश्रम ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि गलत आदतें और गलत निर्णय भी मेहनत बेकार कर देते हैं. आइये जानते हैं चाणक्य ने अपनी नीति में ऐसा क्या कहा है कि वह आज के समय में उतनी ही प्रासंगिक हैं, जितना पहले था.

सही समय पर निर्णय न लेना

चाणक्य के अनुसार जो व्यक्ति अवसर आने पर निर्णय नहीं ले पाता, वह मेहनती होने के बावजूद पीछे रह जाता है. सही समय पर उठाया गया कदम सफलता की दिशा तय करता है. देर से लिया गया फैसला अक्सर नुकसान का कारण बनता है.

जरूरत से ज्यादा बोलना

चाणक्य नीति में कहा गया है कि ज्यादा बोलने वाला व्यक्ति अपनी ही कमजोरी उजागर कर देता है. कार्यस्थल हो या सामाजिक जीवन, अनावश्यक बातचीत इंसान की छवि को नुकसान पहुंचाती है और कई बार मेहनत पर पानी फेर देती है.

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गलत लोगों पर भरोसा करना

चाणक्य के अनुसार हर मुस्कुराने वाला व्यक्ति शुभचिंतक नहीं होता. गलत लोगों पर भरोसा करने से न केवल समय और ऊर्जा नष्ट होती है, बल्कि सफलता का रास्ता भी कठिन हो जाता है. मेहनत तभी रंग लाती है जब सही लोगों का साथ आप अपने जीवन होता है.

आलस्य और अनुशासन की कमी

चाणक्य नीति में आलस्य को असफलता की जड़ बताया गया है. बिना अनुशासन के की गयी मेहनत टिकाऊ नहीं होती. जो व्यक्ति नियमित दिनचर्या और आत्मनियंत्रण को नजरअंदाज करता है, उसकी प्रगति धीरे-धीरे रुक जाती है.

सीखने की इच्छा का खत्म हो जाना

चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति खुद को सबसे ज्यादा ज्ञानी मानने लगता है, उसका पतन शुरू हो जाता है. इसलिए इंसान को हमेशा अपने अंदर सीखने की भूख को जिंदा रखना जरूरी है. क्योंकि नई चीजें सीखने की इच्छा खत्म होते ही विकास भी रूक जाता है. आज का समय तेजी से बदल रहा है, कई नयी नयी चीजें दुनिया में आ चुकी है, लेकिन कई लोग बदलते दौर के साथ खुद को अपडेट नहीं करते जो बेहद जरूरी है. यह चीज इंसान को मेहनत को बेकार देता है.

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Sameer Oraon

लेखक के बारे में

By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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