Medicine Ban News : इन 10 दवाओं के इस्तेमाल पर लगा बैन, लिस्ट जारी

Edited by Amitabh Kumar
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बंगाल में 10 दवाओं के इस्तेमाल पर बैन

Medicine Ban News : मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में एक्सपायर्ड सेलाइन से प्रसूता की हुई मौत के बाद प्रशासन हरकत में आया. स्वास्थ्य विभाग की ओर से नयी अधिसूचना जारी की गई.

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Medicine Ban News : पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक्सपायर्ड सेलाइन चढ़ाने से प्रसूता की मौत हो गई थी. घटना के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया. राज्य सरकार ने रिंगर लैक्टेट समेत 10 तरल दवाओं पर बैन लगा दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने नयी अधिसूचना जारी कर रिस्ट्रिक्टेड लिक्विड दवा के नाम का जिक्र किया है. स्वास्थ्य भवन ने ‘वेस्ट बंगाल फार्मास्यूटिकल्स’ के सलाइन पर बैन लगाया है. इस कंपनी के कुल 10 उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में इन दवाओं के इस्तेमाल पर बैन लगा दिया गया है. यह नियम अगले निर्देश तक लागू रहेगा. उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्देश के जारी होते ही आरजी कर मेडिकल कॉलेज के इंडोर विभाग, ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी विभाग, टीसीयू समेत अन्य विभाग में उक्त सेलाइन व दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गयी है. गौरतलब है कि मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक्सपायर्ड आरएल सेलाइन के इस्तेमाल से ममनी रुईदास (20) नाम की प्रसूता की मौत शुक्रवार सुबह हुई थी. चार अन्य भी बीमार हैं. इनमें से एक की हालत गंभीर है.

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद हरकत में आया प्रशासन

मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एक्सपायर्ड सेलाइन की घटना के बाद राज्य सचिवालय भी हरकत में आया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत ने स्वास्थ्य विभाग से दो दिन के अंदर रिपोर्ट तलब की है. इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री भी चिंतित हैं. मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा है कि किसकी लापरवाही के कारण यह घटना हुई. दवाओं की आपूर्ति से पहले इसकी जांच क्यों नहीं की गयी. इन सभी जानकारियों के साथ स्वास्थ्य विभाग को अगले 48 घंटे में रिपोर्ट पेश करनी होगी. वहीं, शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज का दौरा किया है. बताया जा रहा है कि इसकी रिपोर्ट भी रविवार को राज्य सचिवालय में जमा की जा सकती है. इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं रिपोर्ट की जांच करेंगी.

इन दवाओं पर लगा प्रतिबंध

  1. रिंगर लैक्टेट 500 मिली
  2. रिंगर सॉल्यूशन आइपी इंजेक्शन 500 मिली (एमएल)
  3. डेक्सट्रोज़ इंजेक्शन 10% एमओएसएम/एल 500 मिली
  4. मैनिटॉल इन्फ्यूजन आइपी 20% 100 मिली
  5. पैरासिटामोल इन्फ्यूजन 1000 मिलीग्राम/100 मिली
  6. ओफ्लॉक्सासिन 200 मिली ग्राम /100 मिली
  7. लेवोफ्लॉक्सासिन-100 मिली
  8. 1/2 डीएनएस-500 मिली
  9. सोडियम क्लोराइड एरिगेशन सॉल्यूशन- 3 लीटर
  10. पेडियाट्रिक मेंटेनेंस इलेक्ट्रोलाइट सॉल्यूशन -500 मिलीलीटर
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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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