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आप में सुलह, अमानतुल्ला खान निलंबित, कुमार विश्वास का कद बढ़ा

Updated at : 03 May 2017 5:51 PM (IST)
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आप में सुलह, अमानतुल्ला खान निलंबित, कुमार विश्वास का कद बढ़ा

नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने विधायक अमानतुल्ला खान को पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के आरोप में पार्टी के निलंबित कर दिया. ओखला से विधायक खान ने हाल ही में विश्वास को भाजपा का एजेंट बताया था. आप संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता मेंबुधवार को […]

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नयी दिल्ली. आम आदमी पार्टी (आप) ने विधायक अमानतुल्ला खान को पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास के खिलाफ अपमानजनक बयान देने के आरोप में पार्टी के निलंबित कर दिया. ओखला से विधायक खान ने हाल ही में विश्वास को भाजपा का एजेंट बताया था. आप संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता मेंबुधवार को हुई पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) की बैठक में यह फैसला किया गया.

खान के बयान से आहत विश्वास ने दो दिन पहले हुई पीएसी की बैठक से दूरी बना ली और मंगलवारको पार्टी में अपने भविष्य को लेकर फैसला करने की बात कह कर आप से नाता तोड़ने के साफ संकेत दे दिये थे. इस बीच निलंबन के फैसले पर अमानतुल्लाह खान ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. समझा जाता है कि बैठक के बाद सिसोदिया ने खान के साथ भी मुलाकात की. खान के निलंबन को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व द्वारा विश्वास को मनाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है. बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि खान के बयान की जांच के लिए पार्टी नेता पंकज गुप्ता की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है. जांच की रिपोर्ट के आधार पर खान के पार्टी में भविष्य का फैसला किया जायेगा.

सिसोदिया ने कहा कि विश्वास की जिम्मेदारी में बढ़ोतरी करते हुए उन्हें राजस्थान का प्रभारी बनाया गया है. राजस्थान में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. सिसोदिया ने विश्वास की नाराजगी अब दूर होने का भरोसा जताते हुए कहा कि नेताओं के बीच भ्रम की स्थिति अब समाप्त हो गयी है. इससे पहले केजरीवाल और सिसोदिया ने सोमवार की रात विश्वास से उनके गाजियाबाद स्थित घर पर मुलाकात कर गिले शिकवे मिटाने की निर्णायक पहल की थी.

सूत्रों के मुताबिक पीएसी की बैठक में विश्वास लगातार पार्टी के संविधान का हवाला देकर ‘एक व्यक्ति एक पद’ के सिद्धांत को लागू करने की मांग पर अडिग थे. इसे लागू करने पर केजरीवाल पर पार्टी संयोजक या मुख्यमंत्री पद में से किसी एक को छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था. समझा जाता है कि विश्वास का साथ दे रहे लगभग दर्जन भर विधायकों ने एक अन्य फार्मूले का सुझाव देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की. हालांकि फौरी तौर पर विश्वास ने ट्वीट कर पार्टी में गहराये विवाद को दूर करने का संकेत देते हुए लिखा कि ‘यदि अंधकार से लड़ने का कोई संकल्प कर लेता है तो एक अकेला जुगनू भी सब अंधकार हर लेता है. लड़ेंगे, जीतेंगे, आभार, भारत माता की जय.’

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