7 RCR जा रहे सिसोदिया समेत 52 ''आप'' विधायकों को पुलिस ने लिया हिरासत में, चार घंटे बाद छोड़ा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 26 Jun 2016 4:58 PM
नयी दिल्ली : दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक शिकायत दर्ज किये जाने के बाद सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी के 52 विधायकों ने ‘आत्मसमर्पण’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर की ओर मार्च किया लेकिन उन्हें एक किलोमीटर से भी पहले हिरासत में ले लिया गया. इन विधायकों में दिल्ली सरकार के […]
नयी दिल्ली : दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ एक शिकायत दर्ज किये जाने के बाद सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी के 52 विधायकों ने ‘आत्मसमर्पण’ के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर की ओर मार्च किया लेकिन उन्हें एक किलोमीटर से भी पहले हिरासत में ले लिया गया.
इन विधायकों में दिल्ली सरकार के छह मंत्री भी थे जिन्हें सात, रेसकोर्स रोड पर प्रधानमंत्री के आवास के आसपास उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में लागू निषेधाज्ञा को तोड़ने के मामले में हिरासत में लिया गया. पुलिस ने कहा कि वह कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करेगी. पुलिस ने रेसकोर्स मेट्रो स्टेशन के बाहर विधायकों को हिरासत में लिया और संसद मार्ग थाने ले गयी. कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया. दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा में आम आदमी पार्टी के 67 विधायक हैं.
आप सरकार और केंद्र के बीच ताजा टकराव की स्थिति गाजीपुर मंडी के व्यापारियों द्वारा सिसोदिया के खिलाफ एक शिकायत के बाद बनी. शिकायत में आरोप लगाया गया कि उपमुख्यमंत्री ने उन्हें धमकाया. इससे पहले कल ही छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोपों में आप विधायक दिनेश मोहनिया को गिरफ्तार किया गया था.
मार्च की अगुवाई कर रहे सिसोदिया ने कहा, ‘‘मैं मोदी जी से केवल यह कहने गया था कि दिल्ली की जनता के लिए हमें काम करने दें. अगर आपको हमें गिरफ्तार करने का शौक है तो कीजिए. उनके पुलिस से हमें गिरफ्तार करने के लिए कहने से पहले हमने कह दिया था कि आपको विधायकों से दुश्मनी है, हमें गिरफ्तार कीजिए. लेकिन दिल्ली के कामकाज में अवरोध नहीं डालें.’
छोडे जाने के बाद सिसोदिया ने कहा, ‘‘हम सभी साथ गये थे. अगर आप हमें जेल भेजने की राजनीति करना चाहते हैं तो हम सब आपके पास आएंगे. हमें एक साथ जेल भेजिए.’ उन्होंने ट्वीट भी किया, ‘‘हमें चार घंटे तक हिरासत में रखा गया. याद रखिए मोदीजी. अगर आप दिल्ली में कामकाज रोकेंगे तो पुलिसकर्मी भी बोलेंगे. आपने हमें गिरफ्तार किया और संसद मार्ग थाने में रखा, लेकिन हम तिहाड़ जाने को तैयार हैं. दिल्ली की जनता के लिए हो रहा कामकाज मत रोकिए.
इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘मनीष सिसोदिया के खिलाफ कल शिकायत दाखिल. मनीष आज प्रधानमंत्री के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए 7, आरसीआर जाएंगे.’ आज सुबह केजरीवाल द्वारा बुलाई गयी विधायकों की बैठक में प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने का फैसला किया गया. बैठक में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल और उपाध्यक्ष राखी बिडला भी उपस्थित थे.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रीजीजू ने घटनाक्रम को ‘नाटक’ करार दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोगों ने आप को काम करने का जनादेश दिया है लेकिन केजरीवाल नौटंकी में लगे हैं. मोदी पर निशाना साधते हुए सिसोदिया ने उन 14 विधेयकों का जिक्र किया जो केंद्र ने लौटा दिये हैं. केंद्र ने कहा है कि इन्हें पारित करने में प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया. उप मुख्यमंत्री ने कल कहा था कि वह गाजीपुर मंडी के औचक निरीक्षण पर गये थे जहां कुछ लोग अवैध कारोबार चला रहे थे.
उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे विश्वास है कि मोदीजी कल इस शिकायत को एक लड़की को छेड़ने, हिंसा करने और जबरन वसूली जैसे आरोपों में बदल देंगे और मुझे गिरफ्तार कराएंगे.’ घटना के बारे में विशेष पुलिस आयुक्त (उत्तर) एस बी के सिंह ने कहा कि गाजीपुर आढ़ती संघ के अध्यक्ष ने गाजीपुर थाने को एक पत्र लिखा जिसमें उन्होंने कहा कि गाजीपुर मंडी के अपने दौरे के दौरान सिसोदिया ने उनकी शिकायतों को सुनते समय बहुत ही ‘‘तानाशाही भरा रवैया’ अपनाया.
सिसोदिया ने कल ट्वीट किया था, ‘‘मोदीजी, आपकी दुश्मनी हमारे साथ है. हमें गिरफ्तार कीजिए. लेकिन दिल्ली का कामकाज मत रोकिये. हम आपके समक्ष आत्मसमर्पण के लिए आ रहे हैं.’ विधायकों पर हुई कार्रवाई को सही ठहराते हुए विशेष पुलिस आयुक्त (नयी दिल्ली) एम के मीणा ने कहा, ‘‘हमें इस बात से मतलब नहीं है कि किसी पार्टी या किसी व्यक्ति का क्या रख है. लेकिन हम कानून तोडने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे.’ मोहनिया की गिरफ्तारी और सिसोदिया के खिलाफ शिकायत के मामलों के बीच अंतर करते हुए विशेष आयुक्त (कानून व्यवस्था) ताज हसन ने कहा कि सिसोदिया के खिलाफ मिली शिकायत में किसी संज्ञेय अपराध का उल्लेख नहीं है.
मोहनिया के मामले में हसन ने कहा कि शिकायत संज्ञेय है और महिला का बयान भी मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किया गया. परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि मोदी सरकार ने दिल्ली में आपातकाल जैसे हालात बना दिये हैं और दिल्ली सरकार के कामकाज को बाधित करने के लिए योजबनाद्ध तरीके से काम हो रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘जब भाजपा का कोई विधायक गुंडागर्दी करता है तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाता. एम एम खान हत्याकांड में जिन लोगों के नाम आये, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गयी लेकिन आप को निशाना बनाया जाता है.’ रीजीजू ने कहा कि केजरीवाल के आरोपों पर प्रतिक्रिया नहीं देना ही बेहतर है. उन्होंने कहा, ‘‘हम देश चलाने में बहुत व्यस्त हैं. लोगों ने हमें देश की सेवा करने का मौका दिया है. अरविंद केजरीवाल और उनके सहयोगी हर समय नौटंकी करते है. क्या उन्हें कोई काम नहीं है?’
मोदी जी! आपने गिरफ्तार कर पार्लियामेंट थाने में रखा है, हम सब तिहाड़ जाने को तैयार हैं बस अब दिल्ली की जनता के काम मत रोकिए। #ArrestMeModi
— Manish Sisodia (@msisodia) June 26, 2016
मोदी जी! आपकी हमसे दुश्मनी है, हमें गिरफ्तार कर लो पर दिल्ली के काम मत रोको। हम सब आपके समक्ष सरेंडर करने आ रहे हैं। https://t.co/Fp7mDi4y7V
— Manish Sisodia (@msisodia) June 26, 2016
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