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विपक्ष ने स्मृति ईरानी पर लगाया गुमराह करने का आरोप कहा, माफी मांगे

Updated at : 02 Mar 2016 4:30 PM (IST)
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विपक्ष ने स्मृति ईरानी पर लगाया गुमराह करने का आरोप कहा, माफी मांगे

नयी दिल्ली : विपक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर जेएनयू और हैदराबाद विश्वविद्यालय मुद्दों के बारे में कथित तौर पर गलतबयानी और संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस की मांग दोनों सदनों में उठायी जबकि बसपा प्रमुख मायावती ने मांग की कि स्मृति को […]

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नयी दिल्ली : विपक्ष ने मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर जेएनयू और हैदराबाद विश्वविद्यालय मुद्दों के बारे में कथित तौर पर गलतबयानी और संसद को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन के नोटिस की मांग दोनों सदनों में उठायी जबकि बसपा प्रमुख मायावती ने मांग की कि स्मृति को गलत बयान देने के लिए सदन से माफी मांगनी चाहिए. लोकसभा में इसी मुद्दे पर हंगामे के कारण बैठक को दस मिनट के लिए स्थगित किया गया.

लोकसभा में कांग्रेस, वाम दलों और तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने ईरानी पर आरोप लगाया कि उन्होंने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या को लेकर सदन को ‘‘गलतबयानी” के जरिए पूरी तरह ‘‘गुमराह” किया है. प्रश्नकाल के बाद आसन की अनुमति से यह मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि स्मृति ईरानी ने रोहित वेमुला मामले में सदन को यह कह कर गुमराह किया है कि आत्महत्या करने वाले इस छात्र को समय रहते कोई डाक्टर देखने नहीं आया. तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने स्मृति के सदन में कुछ दिन पहले दिये गए बयान की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने एक संवेदनशील मुद्दे को गलत राजनीतिक हथियार के रुप में इस्तेमाल किया.

माकपा के मोहम्मद सलीम ने भी आरोप लगाया कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने वेमुला मामले में सचाई रखने के बजाय गलतबयानी का सहारा लिया और ऐसा करके उन्होंने सदन का इस्तेमाल देश को गुमराह करने के लिए किया. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा था कि रोहित वेमुला को समय पर चिकित्सीय सेवा उपलब्ध नहीं करायी गई। हालांकि विश्वविद्यालय की मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि वह समय पर पहुंच गई थीं.
भाजपा के अर्जुन राम मेघवाल ने ईरानी का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर वह बातें कहीं थीं. कांग्रेस की रंजीत रंजन ने कहा कि स्मृति ईरानी ने रोहित मामले में हस्तक्षेप करते हुए उनकी चिठ्ठियों का सदन में जिक्र करके गलत संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि सांसद के रुप में हम लोग लगभग 20 लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और क्षेत्र की जनता से जुडे कार्यो के लिए लोग मंत्री को चिठ्ठी नहीं लिखेंगे तो किसको लिखेंगे. उधर राज्यसभा में बसपा प्रमुख मायावती ने भोजनावकाश के बाद बैठक शुरु होने पर यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्मृति ईरानी ने रोहित वेमुला प्रकरण में गलत बयान दिया है. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन मामले को योजनाबद्ध ढंग से दबाने की कोशिश की जा रही है.
बसपा प्रमुख ने नियम 187 तथा मानव संसाधन विकास मंत्री के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार ने रोहित प्रकरण की जांच के लिए कथित जांच आयोग में दलित सदस्य को शामिल करने की मांग नहीं मानी है. मायावती ने कहा कि स्मृति ईरानी ने सदन में जो गलत बयानी की है उसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए. इस पर उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि इस मामले में जिन भी सदस्यों ने विशेषाधिकार हनन के नोटिस दिए हैं उन पर सभापति विचार कर रहे हैं.
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