जनरल एनएस राजा सुब्रमणि रविवार को संभालेंगे देश के नए CDS का कार्यभार; जनरल चौहान की लेंगे जगह

जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, फोटो एक्स
New CDS: लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) भारत के अगले प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) के रूप में रविवार को पदभार संभालेंगे.
New CDS: सेवानिवृत्त हो रहे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (CDS) जनरल अनिल चौहान ने अपने कार्यकाल को बेहद संतोषजनक करार दिया. जनरल चौहान ने शीर्ष सैन्य पद पर तीन साल एवं आठ महीने का कार्यकाल पूरा किया और इस दौरान उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया.
तीनों सेनाओं ने सीडीएस अनिल चौहान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया
निवर्तमान सीडीएस ने तीनों सेनाओं की ओर से औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा, मेरा कार्यकाल बेहद संतोषजनक और उत्कृष्ट रहा. जनरल चौहान ने कहा, तीनों सेनाओं की ओर से गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सेवानिवृत्त होना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है. इसके लिए मैं तीनों सेनाओं और मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (आईडीएस) को धन्यवाद देता हूं. मैं ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ के समापन के साथ अपने वर्दीधारी सहयोगियों और साथियों से विदाई लेता हूं. उन्होंने कहा, मैंने अभी युद्ध स्मारक पर वर्दी पहनकर आखिरी बार पुष्पचक्र अर्पित किया, यह उन लोगों को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि है जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर किए. पुष्पचक्र अर्पित करने के बाद मित्रों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने मेरा स्वागत किया. यह मेरे सैन्य से असैन्य जीवन में प्रवेश करने का प्रतीक है.
सितंबर 2022 में जनरल चौहान बने थे देश के सीडीएस
सेना की पूर्वी कमान के कमांडर रह चुके जनरल चौहान ने सितंबर 2022 में देश के सबसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर के रूप में पदभार संभाला था. इससे करीब नौ महीने पहले देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल चौहान ने तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की योजना बनाने और इसे क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए भारत की सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया. प्रमुख रक्षा अध्यक्ष ने एकीकृत सैन्य कमान बनाने की भारत की योजना, यानी ‘थिएटराइजेशन’ मॉडल को लागू करने की दिशा में भी कई कदम उठाए.
जनरल चौहान को मिला था सेवा विस्तार
जनरल चौहान का कार्यकाल पिछले साल 30 सितंबर को समाप्त होना था लेकिन उन्हें सेवा विस्तार दिया गया था. वह मई 2021 में लेफ्टिनेंट जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे, लेकिन भारत के दूसरे प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालने के बाद उन्होंने चार सितारा जनरल का पद ग्रहण किया.
अपने करियर में जनरल चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं
फरवरी 2019 में जब भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था, तब जनरल चौहान सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) थे. माना जाता है कि उन्होंने इस अभियान के लिए अहम जानकारी उपलब्ध कराई थी. 18 मई, 1961 को जन्मे जनरल चौहान को 1981 में भारतीय सेना की 11 गोरखा राइफल्स में शामिल किया गया था. अपने विशिष्ट करियर में जनरल चौहान ने कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं तथा उन्हें जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत में आतंकवाद-रोधी अभियानों का व्यापक अनुभव है. वह खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी और देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी के पूर्व छात्र हैं. मेजर जनरल के पद पर रहते हुए उन्होंने उत्तरी कमान के संवेदनशील बारामूला सेक्टर में एक पैदल सेना डिवीजन की कमान संभाली थी. बाद में उन्होंने पूर्वोत्तर में एक कोर की कमान संभाली और इसके बाद पूर्वी कमान के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ’ बने.
परम विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित हो चुके हैं जनरल चौहान
भारतीय सेना में उत्कृष्ट सेवाओं के लिए जनरल चौहान को परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया.
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By अरबिंद कुमार मिश्रा
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करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
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शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
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एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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