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क्या है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लेडीज फर्स्ट’ योजना

Updated at : 08 Mar 2018 1:12 PM (IST)
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क्या है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लेडीज फर्स्ट’ योजना

रांची : दुनिया भर में आज (8 मार्च को) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. यह दिन इस बात का आकलन करने काहै कि महिलाओं के जीवन में कितना बदलाव आया. महिलाओं को सशक्त करने के लिए और क्या करने की जरूरत है? वैश्विक स्तर पर महिलाओं के लिए हो रहे कार्यों और उसके […]

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रांची : दुनिया भर में आज (8 मार्च को) अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है. यह दिन इस बात का आकलन करने काहै कि महिलाओं के जीवन में कितना बदलाव आया. महिलाओं को सशक्त करने के लिए और क्या करने की जरूरत है? वैश्विक स्तर पर महिलाओं के लिए हो रहे कार्यों और उसके परिणाम के बारे में हर साल संयुक्त राष्ट्र एक समग्र रिपोर्ट पेश करता है. दूसरी तरफ, अलग-अलग देश अपने यहां की रिपोर्ट जारी करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में महिला सशक्तीकरण के लिए हो रहे कार्यों के बारे में एक ट्वीट कर जानकारी दी है.

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प्रधानमंत्री ने आंकड़ों पर आधारित ग्राफ के जरिये बताया है कि घटते लिंगानुपात को सुधारने के लिए देश का माइंडसेट बदलनेहेतु ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की गयी. 167 जिलों में इसके सफल क्रियान्वयन के बाद इसे देश के 640 जिलों में लागू किया जायेगा.

इसके आगे कहा गया है कि बेटियों को वित्तीय रूप से समृद्ध बनाने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की गयी. इसके तहत 1.26 करोड़ बेटियों के बैंक खाते खोले गये. इस खातामेंपैसे जमा करने पर अन्य खातों से अधिक ब्याज मिलता है. इस खाते में धन जमा करने पर टैक्स की रियायत भी दी जाती है.

यह भी कहा गया है कि ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ को जन अभियान में तब्दील किया गया. इसके तहत एक करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं का चेकअप हुआ. गर्भवती महिलाओं को पोषक आहार के लिए 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता सरकार की ओर से उपलब्ध करायी जा रही है.

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कामकाजी महिलाओं को बच्चों की देखभाल के लिए मिलने वाला मातृत्व अवकाश 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है.इतनाही नहीं, ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के तहत गरीबी रेखा से नीचे बसर करने वाली 3.5 करोड़ महिलाओं को मुफ्त में रसोई गैस (एलपीजी) का कनेक्शन दिया गया. इसका लक्ष्य 5 करोड़ से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री के इस ट्वीट में बताया गया है कि बेटियों की शिक्षा पर विशेष फोकस किया गया है. सेकेंड्री और हायर सेकेंड्री की पढ़ाई के लिए कई छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) की शुरुआत की गयी है.

इतना ही नहीं, महिलाओं को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ के तहत देश की 16.42 करोड़ महिलाओं को बैंक से जोड़ा गया. ‘मुद्रा योजना’ के तहत लोन लेकर 7.88 करोड़ महिलाओं ने अपना उद्यम शुरू किया.

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ट्वीट के मुताबिक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मिलने वाले ऋण में 37 फीसदी का जबर्दस्त इजाफा हुआ है. प्रधानमंत्री ने कहा है कि उनकी महत्वाकांक्षी स्टैंड-अप योजना के तहत महिला उद्यमियों को 6,895 करोड़ रुपये का लोन दिया गया है.

मुस्लिम महिलाओं के लिए किये गये कार्यों का भी पीएम ने अपने इस ट्वीट में उल्लेख किया है. बताया गया है कि मुस्लिम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार ने तीन तलाक बिल पास करवाया. हज पर जाने वाली महिलाओं के लिए अपने साथ एक पुरुष अभिभावक (मेहराम) ले जाने की अनिवार्यता खत्म की.

उन्होंने आगे लिखा है कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत महिलाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गयी है. इतना ही नहीं, यह भी कहा गया है कि सिंगल मदर के लिए पासपोर्ट बनाने के नियमों में ढील दी गयी है.

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