ममता बनर्जी को खुली चुनौती! 19 सांसदों का दावा- हम हैं असली TMC, ओम बिरला से मांगेंगे मान्यता

Published by : Pritish Sahay Updated At : 12 Jun 2026 8:41 PM

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ममता बनर्जी और सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया, फोटो- पीटीआई और एएनआई

TMC Rebels: टीएमसी के भीतर बढ़ती बगावत अब खुलकर सामने आने लगी है. वायरल हुए एक हस्ताक्षरित पत्र से उन सांसदों की तस्वीर साफ होती दिख रही है जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दे रहे हैं. लोकसभा में टीएमसी के 28 सांसद हैं और बागी गुट का दावा है कि उनके साथ 19 सांसदों का समर्थन है, जो दल-बदल विरोधी कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई संख्या से अधिक है.

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TMC Rebels: तृणमूल कांग्रेस (TMC) में बढ़ते आंतरिक संकट के बीच पार्टी के बागी सांसद जगदीश बर्मा बसुनिया ने दावा किया है कि उनके समूह के पास अधिकांश सांसदों का समर्थन है. उन्होंने कहा कि बागी सांसदों ने ‘असली टीएमसी’ नाम से एक अलग समूह बनाया है और वे 15 जून को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उसे आधिकारिक मान्यता देने की मांग करेंगे. बसुनिया ने कहा कि उनका समूह लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था भी चाहता है और वह इस संबंध में स्पीकर से औपचारिक अनुरोध करेगा.

हम ही असली टीएमसी हैं- जगदीश बर्मा बसुनिया

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जगदीश बर्मा बसुनिया ने कहा- हमने असली टीएमसी समूह बनाया है. हमारे साथ अधिकतम सांसद हैं. हम स्पीकर से बात कर असली टीएमसी के रूप में मान्यता देने और अलग बैठने की व्यवस्था करने की मांग करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी की ओर से उनसे कोई संपर्क नहीं किया गया है. बसुनिया ने कहा- मुझे कोई फोन नहीं आया. मुझे नहीं पता कि किसी और सांसद से संपर्क किया गया है या नहीं, लेकिन मुझसे किसी ने बात नहीं की.

विधानसभा चुनाव के बाद टीममसी में बढ़ा रार

हाल के विधानसभा चुनावों में हार के बाद टीएमसी में नेताओं का असंतोष खुलकर सामने आया है. पार्टी के कई विधायक पहले ही बगावत कर चुके हैं. इसका असर पार्टी के संसदीय दल पर भी दिखाई दे रहा है. सूत्रों के अनुसार तीन टीएमसी सांसद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि लोकसभा में बागी सांसदों का समूह 20 सांसदों के समर्थन का दावा कर रहा है.

19 सांसदों ने स्पीकर कार्यालय को सौंपी सूची

सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तीदार और सताबदी रॉय समेत 19 सांसदों ने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष कार्यालय को अपने नामों की सूची सौंप दी थी. इस सूची में बापी हलदर, डॉ. शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक सहित कई सांसदों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. टीएमसी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी पुष्टि की है कि 20 सांसदों के समूह ने लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था की औपचारिक मांग की है.

हर्ष वर्धन श्रृंगला ने कहा- बदलाव का विकल्प बनकर उभरी है बीजेपी

राज्यसभा सांसद हर्ष वर्धन श्रृंगला ने टीएमसी में चल रही उठापटक पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी का विघटन होना ही था. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की पहचान अनियमितताओं, कुप्रथाओं और कुशासन के रूप में सामने आयी है. उन्होंने यह भी कहा कि जब किसी क्षेत्रीय पार्टी का जनाधार कमजोर होता है तो उसके नेता और कार्यकर्ता उससे दूरी बनाने लगते हैं. बंगाल की जनता विकास, सुशासन और मजबूत प्रशासन चाहती है और बीजेपी उस बदलाव का विकल्प बनकर उभर रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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