शिक्षकों ने एनपीएस के विरोध में काली पट्टी बांधकर मनाया काला दिवस

सोमवार को जिले के सभी कोटि के शिक्षक एवं सभी कार्यालयों में पदस्थापित कर्मचारीगण बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार के शिक्षक एवं कर्मचारी विरोधी नीति का विरोध किया.
बेगूसराय. सोमवार को जिले के सभी कोटि के शिक्षक एवं सभी कार्यालयों में पदस्थापित कर्मचारीगण बांह पर काली पट्टी बांधकर सरकार के शिक्षक एवं कर्मचारी विरोधी नीति का विरोध किया. इस अवसर पर एनपीएस बंद करने व ओपीएस लागू करने का मांग बुलंद किया. शिक्षकों ने भी पुरानी पेंशन, प्रोन्नति का लाभ,सेवा निरंतरता, विशिष्ट शिक्षकों का वेतन निर्धारण एवं सेवा पुस्तिका संधारण, पूर्ण वेतनमान को लेकर आवाज बुलंद किया. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव रामकल्याण पासवान एवं जिला अध्यक्ष साकेत सुमन ने बयान जारी कर कहा कि अगर सरकार इन सभी मांगो को नहीं मानेगी तो दिनांक पांच सितंबर 2025 को नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम के आह्वान पर सभी शिक्षक एवं कर्मचारीगण जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय उपवास करेंगे.
नावकोठी प्रतिनिधि के अनुसार प्रखंड के प्राइमरी, मिडिल एवं प्लस टू स्कूल में कार्यरत सभी कोटि के शिक्षकों ने एनपीएस के विरोध में काली पट्टी बांधकर सोमवार को काला दिवस (ब्लैक डे) मनाया. शिक्षकों ने अपने-अपने कार्य स्थल पर हाथों में काली पट्टी बांधकर कार्य का निष्पादन किया तथा सरकार के दोहरी नीति का विरोध किया. बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष साकेत सुमन ने बताया की संपूर्ण राष्ट्र में नेशनल ओल्ड पेंशन यूनियन के आह्वान पर शिक्षक सहित विभिन्न क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी जो नई पेंशन योजना से अच्छादित है, वे सभी विरोध में आज काली पट्टी बांधकर आज के दिन को काला दिवस के रूप में मना रहे हैं. जब तक सरकार पुरानी पेंशन योजना को लागू नहीं करती हम लोग चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेंगे. प्रखंड अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि एक ही सेवा संवर्ग के कर्मियों के साथ दोहरा मापदंड अपनाया गया है. एक तरफ राष्ट्र निर्माण में लगे शिक्षकों को एनपीएस के मकरजाल में फंसाया गया है. वहीं विधायक सांसद को ओपीएस सहित एक से अधिक पेंशन का लाभ लेने की खुली छुट दी गयी है. इसके अलावा शिक्षकों के विभिन्न मांग के तरफ सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए आज संपूर्ण प्रखंड के सभी शिक्षक अपनी एकजुट का प्रदर्शन करते हुए काली पट्टी बांधकर सरकार का विरोध किया है. इस अवसर पर साकेत कुमार, नंदन ठाकुर, शैलेश कुमार सुधाकर, संतोष कुमार, राजेश यादव, प्रवीण कुमार, ललन कुमार, धर्मशील कुमार, योगेंद्र चौधरी आदि मौजूद. भगवानपुर प्रतिनिधि के अनुसार बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय औगान सहित क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों ने काला पट्टी लगा कर शिक्षण कार्य करते हुए ब्लैक डे मनाया. इस दौरान संघ के जिला सचिव संजय कुमार हिटलर ने बताया कि हमारी मुख्य मांग है पुरानी पेंशन, प्रोन्नति का लाभ, सेवा निरंतरता, विशिष्ट शिक्षकों का वेतन निर्धारण एवं सेवा पुस्तिका संधारण एवं पूर्ण वेतनमान है. उन्होंने बताया कि उक्त मांगों के समर्थन में सभी कोटि के शिक्षक शिक्षिकाओं के द्वारा पांच सितंबर को जिला मुख्यालय पर एक दिवसीय उपवास किया जायेगा. उक्त मौके पर संघ के कार्यकारी प्रखंड अध्यक्ष गणेश राम, प्रखंड सचिव अशोक सिंह, शिक्षक अमित कुमार, मनोरंजन लाल गुप्ता, राहुल रंजन, सोनी कुमारी, रीता कुमारी, ममता कुमारी, रानी कुमारी आदि मौजूद थे.
बखरी प्रतिनिधि के अनुसार बखरी में सभी कोटि के शिक्षकों ने काला बिल्ला लगाकर पठन-पाठन कार्य करते हुए सरकार के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे शिक्षक नेता दिलीप कुमार ने कहा कि संगठन ने एक सितंबर को ब्लैक डे मनाने का निर्णय लिया है. सरकार अगर सभी कोटियों के कर्मचारियों को पुराना पेंशन नही देती है तो संघर्ष को और तेज किया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार सभी कर्मचारी के खिलाफ साजिश कर पेंशन बंद कर दिया है. नये पेंशन स्कीम का प्रलोभन देकर उलझाए रखना चाहती है. कर्मचारी इस उलझन में फंसने वाले नहीं है. वहीं पुराना पेंशन हम सभी कर्मचारियों का हक है, जिसे हम लेकर रहेंगे.
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