बोल्ड तस्वीरों के लिए हैं फेमस अलाया ने कहा- मैं अपने फैसले खुद लेती हूं
Updated at : 02 Feb 2020 12:40 PM (IST)
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उर्मिला कोरी स्टार किड्स की लंबी फेहरिस्त में हालिया रिलीज फिल्म ‘जवानी जानेमन’ से अभिनेत्री अलाया फर्नीचरवाला का नाम जुड़ गया है. पूजा बेदी की बेटी और कबीर बेदी की नातिन अलाया साफतौर पर कहती हैं कि उन्हें यह फिल्म ऑफर नहीं हुई, बल्कि ऑडिशन के जरिये मिली है. इससे पहले भी उन्होंने कई सारी […]
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उर्मिला कोरी
स्टार किड्स की लंबी फेहरिस्त में हालिया रिलीज फिल्म ‘जवानी जानेमन’ से अभिनेत्री अलाया फर्नीचरवाला का नाम जुड़ गया है. पूजा बेदी की बेटी और कबीर बेदी की नातिन अलाया साफतौर पर कहती हैं कि उन्हें यह फिल्म ऑफर नहीं हुई, बल्कि ऑडिशन के जरिये मिली है. इससे पहले भी उन्होंने कई सारी फिल्मों के लिए ऑडिशन दिया था, लेकिन उन्हें रिजेक्शन ही मिला. फिलहाल वह खुश हैं कि इस फिल्म से उनकी शुरुआत हुई है. पेश है उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंश.
-तब्बू और सैफ अली खान जैसे अनुभवी स्टार्स के साथ पहली फिल्म करते समय आप नर्वस तो नहीं थीं?
हां, काफी नर्वस थी. मेरी जगह कोई और भी होताा, तो वह भी नर्वस होता. अगर आप पहली फिल्म में इतने टैलेंटेड एक्टर्स के साथ काम कर रहे हों, तो नर्वस होना स्वाभाविक है. हालांकि उनको रोज सेट पर देखते हुए धीरे-धीरे चीजें नार्मल हो गयीं. इतने टैलेंटेड एक्टर्स जब आपके साथ काम करते हैं, तो आप सेट पर हर दिन सिर्फ उन्हें ऑब्जर्व करके ही बहुत कुछ सीख जाते हैं. वैसे मैंने इस फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले काफी हार्ड होमवर्क किया था.
-आपकी मां पूजा बेदी महशूर अभिनेत्री हैं. क्या यही वजह रही अभिनय में आने की?
ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. मैं तो डायरेक्टर बनना चाहती थी. मैंने न्यूयॉर्क में इसके लिए चार साल का कोर्स भी करना शुरू कर दिया था, लेकिन करीब एक साल बाद मैंने महसूस किया कि मैं डायरेक्शन के लिए नहीं बनी. मैं एक्टिंग के लिए ही सुटेबल हूं. उसके बाद मैं मुंबई आ गयी और अपनी हिंदी पर काम किया. वॉयस मॉड्यूलेशन पर काम किया. डांस क्लासेज ज्वॉइन किया. बॉलीवुड, कत्थक, हिप-हॉप सब सीखा. दो साल मैंने खुद पर जम कर मेहनत किया. उसके बाद लोगों से मिलना-जुलना शुरू किया.
-आपके करियर में मां पूजा बेदी ने कितनी मदद की?
मैं हमेशा से बहुत ही स्वतंत्र रही हूं. मैंने अपने ज्यादातर फैसले खुद लिए हैं और मेरी मां को मेरी यही बात सबसे अच्छी लगती है. उन्होंने मुझे इंडस्ट्री में आने से पहले कुछ टिप्स जरूर दिये कि इंडस्ट्री की ग्लैमर का हिस्सा होकर भी कैसे आपको ग्राउंडेड रहना है और अपनी पहचान बनाने के लिए मेहनत करना कितना जरूरी है, क्योंकि इन दोनों चीजों का कोई भी रिप्लेसमेंट नहीं है. बाकी करियर का डिसीजन मेरा अपना है.
-आपकी मां की पहचान ग्लैमरस अभिनेत्री के तौर पर है. क्या इसका आप पर भी दबाव रहता है?
हां, कई लोग मुझसे यह कहते हैं. सिर्फ मां ही नहीं, बल्कि मेरे नानाजी कबीर बेदी को भी सभी हॉट कहते हैं. मैं अपनी पहचान एक अच्छी अभिनेत्री के तौर पर चाहती हूं, इसलिए ग्लैमरस या हॉट इन शब्दों के बारे में मैं ज्यादा नहीं सोचती.
-आपके एक्टिंग में आने को लेकर आपके नानाजी की क्या राय है?
मेरी एक्टिंग में शुरुआत को लेकर वह बहुत ही उत्साहित हैं. हम बहुत ही खास बॉन्डिंग शेयर करते हैं. वो मेरे कैरियर में बहुत बड़े सपोर्टर रहे हैं. शुरुआत में जब मैंने एक्टिंग शुरू की थी, तब मैं अपने एक्टिंग वीडियो उन्हीं के साथ शेयर करती थी. वो मुझे अपना फीडबैक देते थे कि कहां मुझे और काम करना है.
-सारा, जाह्नवी, अनन्या पांडे से आपके कॉम्पिटिशन पर आपको क्या कहना है?
मैं प्रतिस्पर्धा में यकीन करती हूं, पर हेल्दी कॉम्पिटिशन में. कॉम्पिटिशन कहीं-न-कहीं आपको और अधिक मेहनत करने के लिए मोटिवेट करता है. मुझे पता है कि मेरी जो समकालीन अभिनेत्रियां हैं, उनसे मेरी प्रतिस्पर्धा होगी. अच्छी बात यह है कि ढेर सारा काम है इंडस्ट्री में. यहां हर दिन इतने नेय-नये एक्सपेरिमेंट्स हो रहे हैं कि हम सभी के पास करने के लिए कुछ-न-कुछ ऑफर है.
-नेपोटिज्म पर काफी कुछ कहा जाता है. इस बारे में आपके विचार क्या है?
नेपोटिज्म हकीकत है. मैं या कोई भी इसे झूठला नहीं सकता है. हम स्टारकिड्स का भी संघर्ष होता है. बहुत प्रेशर होता है खुद को साबित करने का, लेकिन किसी आउटसाइडर से कम. आउटसाइडरस का संघर्ष बहुत ही कठिन होता है. अगर हम ऑडिशन के दौरान 10 बार रिजेक्ट होते हैं, तो उन्हें 100 बार रिजेक्शन से गुजरना होता है. उनके ऑडिशन तक पहुंचने का भी अपना एक संघर्ष होता है, जो स्टार किड्स को अक्सर नहीं झेलना पड़ता.
बोल्ड तस्वीरों के लिए हैं फेमस
अलाया सोशल मीडिया पर अपनी बोल्ड तस्वीरों के लिए भी जानी जाती हैं. ऐसी तस्वीरों में पर उन्हें कई बार बीमार मानसिकता के लोगों के बेहद भद्दे कमेंट्स का सामना भी करना पड़ा है. वर्ष 2017 में ट्रोल्स से आहत होकर अलाया और उनकी मां ने सोशल मीडिया का सहारा लिया था. उन्होंने ओपन लेटर के जरिये यह बात जाहिर की थी कि उन्हें जो पहनना होगा वे पहनेंगी और जो पोस्ट करना होगा, करेंगी. समाज की संकीर्ण मानसिकता की वजह से वे डरेंगी नहीं. वह सिर्फ अपनी बॉडी तक सीमित नहीं है. इससे परे भी उनकी एक अपनी पहचान है.
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