Swiggy: इंस्टामार्ट लॉन्च करने के बाद स्विगी को नुकसान, मगर रेवेन्यू में आयी तेजी

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Swiggy: स्विगी ने इंस्टामार्ट लॉन्च कर ग्रॉसरी डिलीवरी सेवा शुरू की, जिससे वार्षिक रेवेन्यू में 35% की बढ़ोतरी दर्ज हुई. हालांकि, इस सेवा से लागत बढ़ने के कारण कंपनी को 2025 में 3,117 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ. फूड डिलीवरी एप में ग्रोथ, बेहतर डिलीवरी सिस्टम और प्रोडक्ट इनोवेशन ने ग्राहक अनुभव और ऑर्डर वैल्यू में बढ़ोतरी की.
Swiggy: ऑनलाइन फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी करने वाला प्लेटफार्म स्विगी ने अभी हाल ही में अपना नया एप्लीकेशन इन्स्टामार्ट लांच किया है. इन्स्टामार्ट करने के बाद डिलीवरी में बढ़ोतरी होने की वजह से कंपनी के सालाना रेवेन्यू में 35 % तक बढ़ोतरी दर्ज की गई, लेकिन कंपनी को साल 2025 में करीब 3,117 करोड़ रुपये का नुकसान भी हो गया.
इंस्टामार्ट से स्विगी को कैसे हुआ नुकसान
स्विगी ने ग्रॉसरी के सामानों की डिलीवरी के लिए अपना नया मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टामार्ट को लॉन्च किया था. द टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट्स के अनुसार, इस एप्लीकेशन को लॉन्च करने के बाद कंपनी का डिलीवरी चार्ज, विज्ञापन और कर्मचारियों के वेतन पर होने वाला खर्च 13,947 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,725 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. साल 2024 में स्विगी को करीब 2,350 करोड़ घाटा हुआ था, लेकिन साल 2025 की पहली छमाही में 3,117 करोड़ रुपये तक का भारी नुकसान हो गया. स्विगी ने मुख्य रूप से इस नुकसान के लिए हालिया लॉन्च मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टामार्ट को जिम्मेदार ठहराया है, जिसने साल की पहली तिमाही में ही 840 करोड़ रुपये का अडजस्टेड EBITDA नुकसान कराया है.
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रेवेन्यू में कैसे हुई बढ़ोतरी
इसके विपरीत, फूड डिलीवरी एप्लीकेशन में सुधार देखने को मिला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रॉस आर्डर वैल्यू (GOV) के मुकाबले कंपनी का अडजस्टेड EBITDA मार्जिन 2.9% तक पहुंच गया है, जो पिछले साल 0.5% था. साल भर के प्रदर्शन की बात करें, तो स्विगी के फूड डिलीवरी एप्लीकेशन का ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू 17.6% की बढ़ोतरी के साथ 7,347 करोड़ तक पहुंच गया. इसके पीछे कंपनी की ओर से की गई कई प्रोडक्ट इनोवेशन का योगदान रहा, जिनमें सबसे अहम तेज और टाइम बाउंड डिलीवरी सेवाएं थीं. इन इनोवेशन ने न केवल ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाया, बल्कि ऑर्डर की संख्या और ग्राहकों की संतुष्टि को भी बढ़ाया है.
रिपोर्ट: साक्षी सिन्हा
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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