LPG या इंडक्शन चूल्हा ? किस पर खाना पकाना पड़ेगा सस्ता, समझें पूरा कैलकुलेशन

Updated at : 12 Mar 2026 1:19 PM (IST)
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Lpg vs induction

अब सिलेंडर का झंझट खत्म! इंडक्शन से करें भारी बचत (फोटो क्रेडिट- Canva)

Lpg vs induction: बढ़ती गैस की कीमतों और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है. ऐसे में कई लोग सोच रहे हैं कि खाना बनाने के लिए गैस चूल्हा सस्ता है या इंडक्शन. आपकी जेब के लिए कौन सा ऑप्शन बेस्ट है, आइए आसान भाषा में इसके पूरे कैलकुलेशन और फर्क को समझते हैं.

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Lpg vs induction: आजकल मिडिल ईस्ट की टेंशन और गैस की किल्लत की खबरों ने हर किसी को रसोई के बजट की चिंता में डाल दिया है. आलम यह है कि लोग अब गैस सिलेंडर के भरोसे बैठने के बजाय इंडक्शन (Induction) की तरफ भाग रहे हैं. लेकिन क्या सच में इंडक्शन पर खाना बनाना गैस से सस्ता पड़ता है? आइए, इस उलझन को आसान भाषा में समझते हैं.

इंडक्शन और गैस: कौन है ज्यादा ‘स्मार्ट’?

गैस चूल्हा (LPG): जब आप गैस जलाते हैं, तो उसकी 60% गर्मी बर्तन के अगल-बगल से निकलकर हवा में बर्बाद हो जाती है. यानी आप ₹100 की गैस जलाते हैं, तो सिर्फ ₹40 का काम होता है.
इंडक्शन (Induction): यह मैग्नेटिक (Magnetic) फील्ड पर काम करता है. इसमें गर्मी सीधे बर्तन के पेंदे (Bottom) में पैदा होती है. इसकी कार्यक्षमता 90% तक होती है, यानी इसमें बर्बादी न के बराबर है.

जेब पर कितना असर ?

खर्चागैस सिलेंडर (14.2 kg)इंडक्शन (बिजली)
महीने का खर्चलगभग ₹913लगभग ₹624 (78 यूनिट)
यूनिट रेट₹8 प्रति यूनिट (अंदाजन)
सालाना बचतलगभग ₹3,500 से ₹4,000

शुरुआत में थोड़ा खर्चा, फिर मजे ही मजे

इंडक्शन अपनाते वक्त आपको दो चीजों पर इन्वेस्ट करना होगा.

  • इंडक्शन चूल्हा: ₹2,000 से ₹4,000 के बीच एक अच्छा मॉडल मिल जाता है.
  • खास बर्तन: इंडक्शन के लिए फ्लैट बॉटम वाले स्टील या लोहे के बर्तन चाहिए होते हैं.

हालांकि यह खर्चा एक बार का है और एक साल के अंदर ही आपकी गैस की बचत से यह पैसा वसूल हो जाता है. इसके अलावा, इंडक्शन पर खाना बनाने से रसोई में गर्मी कम लगती है और सफाई करना भी बेहद आसान है.

रेस्टोरेंट वाले क्यों नहीं बदल रहे ?

घर के लिए तो इंडक्शन बेस्ट है, लेकिन बड़े होटलों और रेस्टोरेंट के लिए यह थोड़ा मुश्किल सौदा है.

  • बिजली का लोड: रेस्टोरेंट में बहुत ज्यादा खाना बनता है, जिसके लिए भारी-भरकम बिजली कनेक्शन (High Tension) चाहिए, जो काफी महंगा पड़ता है.
  • महंगे चूल्हे: कमर्शियल ग्रेड का एक इंडक्शन सेटअप लगाने में ही करीब ₹3.5 लाख तक का खर्चा आ सकता है.
  • बैकअप की समस्या: अगर बिजली चली गई, तो इतने भारी लोड के लिए जनरेटर चलाना बहुत महंगा पड़ता है. इसलिए होटल वाले अभी भी गैस को ही बेहतर मानते हैं.

अगर आप एक आम परिवार हैं और गैस की बढ़ती कीमतों या किल्लत से बचना चाहते हैं, तो इंडक्शन एक बेहतरीन और बेस्ट ऑप्शन है. यह न सिर्फ आपके पैसे बचाएगा, बल्कि खाना बनाने के अनुभव को भी मॉडर्न बना देगा.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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