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अक्षय तृतीया पर सोना ही नहीं, तो फिर इन चीजों की भी कर सकते हैं खरीद

Updated at : 08 May 2024 4:40 PM (IST)
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Akshaya Tritiya 2024

Akshaya Tritiya 2024

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर हर व्यक्ति सोना की खरीद नहीं कर सकता है. किसी भी व्रत-त्योहार में कपड़े और अनाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. वस्त्र सौभाग्य और समृद्धि के निमंत्रण का प्रतीक है.

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Akshaya Tritiya 2024: भारत में अक्षय तृतीया 10 मई 2024 को मनाई जाएगी. इस दिन सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन जिनके पास बजट कम है, वे किन चीजों की खरीद कर सकते हैं? सोना खरीदना हर किसी के वश की बात तो है नहीं. ऐसे में, यह सवाल काफी महत्व रखता है. आम तौर पर माना जाता है कि सोना माता लक्ष्मी की प्रिय वस्तु है और इसे उनका दूसरा स्वरूप माना जाता है. इसीलिए, लोग सोना की खरीद पर ज्यादा जोर देते हैं, लेकिन माता लक्ष्मी की प्रिय वस्तुओं में कई प्रकार के धातु, अनाज, बर्तन, नया घर, गाड़ी भी हैं, जिनकी खरीद की जा सकती है. इन सामानों की खरीद करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं. आइए, जानते हैं कि अक्षय तृतीया पर किन-किन वस्तुओं की खरीद की जा सकती है? आइए, जानते हैं कि सोना का विकल्प क्या है?

सोना का क्या है विकल्प

पंडित विष्णु वल्लभनाथ मिश्र बताते हैं कि अक्षय तृतीया पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए हर व्यक्ति सोना की खरीद नहीं कर सकता है. ऐसी स्थिति में चांदी, प्लैटिनम, हीरा, मूंगा, पन्ना, पुखराज आदि की भी खरीद कर सकते हैं. उनका कहना है कि चांदी की खरीद करना भी सोने की ही तरह शुभ माना जाता है. यह सौभाग्य का प्रतीक है और इसकी कीमत भी सोना के मुकाबले काफी कम होता है. उन्होंने बताया कि इसके अलावा, इस शुभ दिन पर वाहन, कृषि यंत्र, पीतल, कांसा, तांबा आदि के बर्तन भी खरीदे जा सकते हैं.

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कपड़ा, अनाज और दाल की भी कर सकते हैं खरीद

उनका कहना है कि किसी भी व्रत-त्योहार में कपड़े और अनाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. अगर कोई व्यक्ति अक्षय तृतीया पर बहुमूल्य पीली धातु सोना की खरीद नहीं कर पाता है, तो वह कपड़ा खाद्यान्न, दाल, घी आदि की भी खरीद कर सकता है. वस्त्र सौभाग्य और समृद्धि के निमंत्रण का प्रतीक है और अनाज, दालें, जौ, घी आदि जीवनदायी हैं. ये सभी वृद्धि के प्रतीक हैं.

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श्रीयंत्र, कौड़ी और मिट्टी के मटके

उनका यह भी कहना है कि अक्षय तृतीया के दिन श्रीयंत्र, कौड़ी, मटका, पीली सरसों आदि भी खरीदे जा सकते हैं. श्रीयंत्र को पूजास्थल पर रखने से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है. कौड़ी से सुख-शांति बनी रहती है और मटका अक्षय भंडार का प्रतीक है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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