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आर्थिक वृद्धि के लिए राज्य और केंद्र को मिलकर काम करना होगा: वित्त मंत्री

Updated at : 06 Feb 2016 7:55 PM (IST)
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आर्थिक वृद्धि के लिए राज्य और केंद्र को मिलकर काम करना होगा: वित्त मंत्री

नयी दिल्ली : टीम इंडिया’ की अवधारणा पर अमल के लिए जोर देते हुए वित्त मंत्री अरण जेटली ने आज कहा कि केंद्र और राज्यों को देश को उंची वृद्धि के रास्ते पर लाने के लिए मिलकर काम करने की जरुरत है. इस बीच राज्यों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मद्दे नजर अपने […]

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नयी दिल्ली : टीम इंडिया’ की अवधारणा पर अमल के लिए जोर देते हुए वित्त मंत्री अरण जेटली ने आज कहा कि केंद्र और राज्यों को देश को उंची वृद्धि के रास्ते पर लाने के लिए मिलकर काम करने की जरुरत है. इस बीच राज्यों ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के मद्दे नजर अपने यहां भी वेतन वृद्धि पर अतिरिक्त व्यय की भरपाई के लिए केंद्र से अधिक आबंटन की मांग की है.

वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि हाल के समय में केंद्र द्वारा की गई सुधारों की पहल को आगामी महीनों में आगे बढाया जाएगा. जेटली ने भारत की वृद्धि दर में तेजी लाने के लिए राज्यों से मिलकर काम करने का आग्रह किया.वित्त मंत्री ने विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए उनके प्रयासों की सराहना की और उम्मीद जताई कि ‘‘आने वाले महीनों में वृद्धि की गति रफ्तार पकडेगी .” राज्यों के साथ बजट पूर्व बैठक में जेटली ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकारें ढांचागत क्षेत्र एवं गरीबी उन्मूलन योजनाओं पर खर्च बढाएंगी क्योंकि 14वें वित्त आयोग ने उन्हें अधिक कोष दिया है.

जेटली ने यहां संवाददाताओं को बताया, ‘‘ मैं उम्मीद करता हूं कि 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद जिन राज्यों के संसाधन बढे हैं, वे ढांचागत सुविधाओं के निर्माण एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों पर खर्च बढाएंगी क्योंकि उनके राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है.” उन्होंने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था एक मुश्किल दौर से गुजर रही है और यह काफी नाजुक स्थिति में है. ‘‘ यद्यपि इससे भारत भी विशेष रुप से निर्यात प्रभावित हुआ है, भारतीय अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे तेज बढने वाली अर्थव्यवस्थाओं मंे से एक बनकर उभरने में समर्थ है.” इस बजट पूर्व बैठक में कई राज्यों ने वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने एवं केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए आगामी बजट में अधिक आबंटन की मांग की.
वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘ राज्यों ने अपने संसाधनों के बारे में चर्चा की है और उनमें से प्रत्येक अधिक संसाधनों, अधिक निवेश के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और वे सभी वैश्विक नरमी के इस माहौल से मुकाबला करने के लिए कमर कस रहे हैं ताकि भारत की अर्थव्यवस्था पटरी पर बनी रहे.” चौदहवें वित्त आयोग ने पिछले साल केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी रिकार्ड 10 प्रतिशत बढाकर 42 प्रतिशत करने की सिफारिश की थी जिसे केंद्र द्वारा स्वीकार कर लिया गया है.
जेटली ने कहा, ‘‘ जहां तक केंद्र सरकार का संबंध है, हम प्रत्येक राज्य के साथ सहयोग करना चाहेंगे क्योंकि राज्यों की वृद्धि दर बढने से राष्ट्रीय वृद्धि दर भी बढेगी.” बैठक में राज्यों ने कृषि क्षेत्र पर विशेष ध्यान देने का सुझाव दिया. कमजोर मानसून के चलते पिछले दो साल से कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है.
उन्होंने कुछ सामाजिक विकासोन्मुखी केंद्रीय योजनाओं जैसे सर्व शिक्षा अभियान, माध्यमिक शिक्षा अभियान, आईसीडीएस, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन आदि को पुराने तर्ज पर जारी रखने की मांग की क्योंकि कई राज्यों को अपने संसाधनों से इन्हें जारी रखने में मुश्किलें आ रही हैं.
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