बंगाल की सत्ता बदलते ही टाटा समूह की सिंगूर वापसी की तैयारी, शमिक भट्टाचार्य बोले- प्रायश्चित नहीं, औद्योगिक पुनर्जागरण

Published by : Mithilesh Jha Updated At : 30 May 2026 6:06 PM

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Samik Bhattacharya on Tata Group Return to Singur: बंगाल बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि टाटा समूह को सिंगूर वापस लाया जायेगा. ममता बनर्जी सरकार की ‘गलत’ भूमि नीति को बदलकर नयी इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाने की तैयारी है. जानें कैसे बदलेगी बंगाल की तस्वीर.

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Samik Bhattacharya on Tata Group Return to Singur: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सिंगूर सिर्फ एक जगह का नाम नहीं, बल्कि एक कड़वे इतिहास और सत्ता परिवर्तन के संघर्ष का प्रतीक रहा है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की जीत के बाद अब बंगाल की औद्योगिक फिजा बदलने वाली है. प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने एक विशेष साक्षात्कार में बड़ा ऐलान किया है कि नयी सरकार टाटा समूह को सिंगूर में फिर से बसाना चाहती है.

पावरफुल मैसेज : बंगाल अब निवेश के लिए तैयार

सरकार का मानना है कि जिस जमीन से टाटा की नैनो (NANO) को बाहर निकाला गया था, उसी जमीन पर टाटा की वापसी दुनिया भर के निवेशकों के लिए एक पावरफुल मैसेज होगा कि ‘पश्चिम बंगाल अब निवेश के लिए तैयार है’.

सिंगूर से मिटाया जायेगा उद्योग-विरोधी ठप्पा

शमिक भट्टाचार्य के अनुसार, टाटा मोटर्स का सिंगूर से जाना बंगाल की छवि के लिए काला धब्बा था. टाटा देश का सबसे भरोसेमंद औद्योगिक घराना है. उनकी वापसी से उन निवेशकों का डर खत्म होगा, जो पिछले दो दशकों से बंगाल आने से कतरा रहे थे. वर्ष 2008 में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले भूमि आंदोलन के कारण टाटा को अपना लगभग तैयार कारखाना तोड़कर जाना पड़ा था.

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सिंगूर की छवि बदलने की कोशिश

अब बीजेपी उसी स्थान को ‘उद्योगों के पलायन’ की बजाय ‘उद्योगों के आगमन’ के केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहती है. सरकार केवल ऑटोमोबाइल ही नहीं, बल्कि टाटा समूह के किसी भी बड़े प्रोजेक्ट के लिए रेड कार्पेट बिछाने को तैयार है.

ममता बनर्जी की ‘जमीन नीति’ में बड़ा बदलाव

साक्षात्कार के दौरान शमिक भट्टाचार्य ने पूर्ववर्ती ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार की भूमि नीति पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने शुभेंदु अधिकारी सरकार की नयी नीति का खाका भी पेश किया.

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अव्यावहारिक थी पुरानी नीति : भाजपा

पिछली सरकार का दावा था कि उद्योगपति घर-घर जाकर जमीन खरीदें, सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी. पश्चिम बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि कोई भी बड़ा निवेशक हजारों किसानों के दरवाजे पर जाकर सौदेबाजी नहीं कर सकता. नयी सरकार एक ऐसी व्यापक भूमि नीति तैयार कर रही है, जहां सरकार खुद लैंड बैंक बनायेगी और उद्योगों को पारदर्शी तरीके से जमीन मुहैया करायेगी.

एफडीआई को 0.6 प्रतिशत से 13 फीसदी करने का लक्ष्य

महाराष्ट्र जैसे राज्यों का हवाला देते हुए बंगाल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जहां महाराष्ट्र को देश का 13.6 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिलता है, वहीं पश्चिम बंगाल महज 0.6 प्रतिशत एफडीआई पर सिमटा था. अब इस फासले को पाटना नयी सरकार की प्राथमिकता है.

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4 मई के बाद बदला माहौल, पलायन कर रहे उद्योगपति लौटे

शमिक भट्टाचार्य ने एक दिलचस्प वाकया साझा करते हुए बताया कि चुनाव नतीजों के बाद निवेशकों का नजरिया कैसे बदला है. उन्होंने कहा- नतीजों के बाद एक बड़े कारोबारी मुझसे मिले. उन्होंने बंगाल से अपना पूरा कारोबार समेटने का मन बना लिया था, लेकिन 4 मई के बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया. उन्होंने जोर देकर कहा कि बंगाल के पास बंदरगाह, भौगोलिक स्थिति और बेहतर संपर्क मार्ग हैं. जरूरत सिर्फ नीतिगत स्थिरता (Policy Stability) की थी, जो अब बहाल हो गयी है.

Samik Bhattacharya on Tata Group Return to Singur: क्या सिंगूर बनेगा बंगाल का गेमचेंजर?

बीजेपी का यह कदम राजनीतिक रूप से भी मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है. जिस सिंगूर ने ममता बनर्जी को सत्ता के शिखर तक पहुंचाया था, उसी सिंगूर में टाटा को वापस लाकर बीजेपी यह साबित करना चाहती है कि टीएमसी का रास्ता ‘विनाश’ का था. बीजेपी ‘विकास’ के रास्ते पर आगे बढ़ेगी.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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