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BJP: तेजस्वी के आरोप पर बीजेपी का पलटवार, बीजेपी आईटी सेल चीफ बोले- फर्जी खबर की खुली पोल

Updated at : 02 Aug 2025 3:47 PM (IST)
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tejashwi yadav

तेजस्वी यादव

BJP: बिहार में 1 अगस्त को जारी नई मतदाता सूची के ड्राफ्ट को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपना नाम सूची से गायब होने का दावा किया, जिसे भाजपा नेता अमित मालवीय ने फर्जी बताते हुए सबूत सहित खंडन किया.

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BJP: बिहार में एक अगस्त को जारी हुई मतदाता सूची के मसौदे (ड्राफ्ट) को लेकर सियासत गर्मा गई है. विपक्ष ने इसे लेकर कई सवाल उठाए हैं. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दावा किया कि वोटर लिस्ट में उनका नाम नहीं है. तेजस्वी के इस बयान पर भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने टिप्पणी की है. उन्होंने तेजस्वी के दावे को फर्जी और भ्रामक करार दिया.

Amit malviya x post

सोशल मीडिया पर क्या लिखा

अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “फर्जी खबर की खुली पोल. तेजस्वी यादव का यह दावा कि विशेष संवीक्षा (विशेष गहन पुनरीक्षण) के बाद उनका नाम मतदाता सूची से गायब है- पूरी तरह गलत है. उनका नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है. कृपया तथ्य जांचें, फिर जानकारी साझा करें. जानबूझकर मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिशों को बेनकाब करना जरूरी है.”

तेजस्वी यादव का वोटर लिस्ट में नाम

अमित मालवीय ने इस पोस्ट के साथ मतदाता सूची का स्क्रीनशॉट भी साझा किया है, जिसमें तेजस्वी यादव का नाम क्रमांक 416 पर दर्ज है. मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का नाम मतदान केंद्र संख्या 204, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, क्रम संख्या 416 पर अंकित है. इससे पहले, उनका नाम बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय का पुस्तकालय भवन, मतदान केन्द्र संख्या 171, क्रम संख्या 481 पर दर्ज था.

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तेजस्वी का आरोप- जानबुझकर हटाया गया नाम

बिहार में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर की प्रक्रिया के बाद 1 अगस्त को नया ड्राफ्ट जारी किया गया. इस पर विपक्ष ने आरोप लगाए कि कई लोगों के नाम जानबूझकर हटाए गए हैं। तेजस्वी यादव ने खुद का नाम गायब होने की बात कहकर इस मसले को और गंभीर बना दिया. उन्होंने एसआईआर में 65 लाख लोगों के नाम काटे जाने को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जो सूची सामने आई है उसमें कुछ भी नहीं बताया गया। इसे लेकर कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है.

उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग का यह अद्भुत कार्य है. हर विधानसभा क्षेत्र से लगभग 20 से 30 हजार नाम हटाए गए हैं, कुल लगभग 65 लाख, यानी करीब 8.5 फीसदी मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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