बिहार में बच्चों के स्कूल बैग को लेकर शिक्षा विभाग सख्त, तय वजन से ज्यादा होने पर होगी कार्रवाई

Published by : Preeti Dayal Updated At : 19 May 2026 2:57 PM

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सांकेतिक तस्वीर

Education Department: बिहार में शिक्षा विभाग बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर सख्त हो गई है. 20 किलो वजन वाले छात्रों का बैग दो किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए. अगर तय मापदंड से ज्यादा वजन हुआ तो उस स्कूल पर कार्रवाई की जाएगी.

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Education Department: (अनुराग प्रधान) बिहार में स्कूली बच्चों के भारी बस्ते को लेकर अब सरकार सख्त हो गई है. शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी की स्कूल बैग पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है. नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी छात्र के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के कुल वजन के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए. नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.

बच्चे के वजन के हिसाब से तय होगा बैग

नई गाइडलाइन के अनुसार, यदि किसी बच्चे का वजन 25 किलोग्राम है तो उसके स्कूल बैग का वजन अधिकतम 2.5 किलोग्राम तक ही होना चाहिए. इसी तरह 20 किलो वजन वाले छात्र का बैग दो किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए. इससे अधिक वजन पाए जाने पर इसे नियमों का उल्लंघन माना जायेगा.

बैग की नियमित जांच की जिम्मेदारी शिक्षकों की

क्लास 1 से 5 तक के छात्रों के बैग की नियमित जांच की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है. यदि किसी छात्र का बैग अधिक भारी पाया जाता है तो इसकी जानकारी पैरेंट्स को दी जाएगी और अगले कुछ सप्ताह तक निगरानी रखी जाएगी. विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि पढ़ाई के साथ खेल, कला और शारीरिक गतिविधियों को पर्याप्त समय दिया जाए, ताकि बच्चों का संतुलित विकास हो सके और मानसिक तनाव कम हो.

स्कूलों में वजन मापने की मशीन लगाना अनिवार्य

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूल परिसरों में वजन मापने की मशीन लगाना अनिवार्य होगा, ताकि समय-समय पर बच्चों और उनके बैग का वजन जांचा जा सके. सरकार का मानना है कि बच्चों पर पढ़ाई का अनावश्यक बोझ कम करना जरूरी है, क्योंकि भारी बैग बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रहे हैं.

सही से टाइम-टेबल तैयार करने का आदेश

शिक्षा विभाग ने स्कूलों से कहा है कि वे बच्चों के लिए ऐसा टाइम-टेबल तैयार करें, जिससे रोज अनावश्यक किताबें और कॉपियां लेकर स्कूल नहीं आना पड़े. केवल जरूरी स्टडी मैटेरियल ही बैग में रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी.

बच्चों की सेहत पर पड़ रहा असर

सरकार का कहना है कि भारी स्कूल बैग बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डालते हैं. कई स्वास्थ्य अध्ययनों में यह सामने आया है कि अधिक वजन वाला बैग उठाने से बच्चों की रीढ़, कंधों और पीठ पर दबाव बढ़ता है. इससे कम उम्र में ही शरीर के पोश्चर में गड़बड़ी, पीठ दर्द, थकान और अन्य शारीरिक समस्याएं पैदा होने लगती हैं. इसी को देखते हुए अब स्कूलों को बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति अधिक संवेदनशील बनने को कहा गया है.

प्राइवेट स्कूलों पर भी रहेगी नजर

शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि नियमों का पालन सरकारी और निजी दोनों स्कूलों में होनी चाहिए. नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. स्कूलों को होमवर्क और सिलेबस इस तरह तय करने को कहा गया है कि बच्चों को गैरजरूरी किताबें और नोटबुक रोज ढोनी न पड़ें.

कई राज्यों में नियम लागू

शिक्षा विभाग ने कहा है कि कई राज्यों में पहले से स्कूल बैग के वजन को लेकर नियम लागू किए जा चुके हैं. महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और पंजाब जैसे राज्यों ने भी एनसीईआरटी गाइडलाइंस के आधार पर स्कूल बैग का वजन तय किया है. इसी आधार पर बिहार के स्कूलों में भी अब कड़ाई से नियमों का पालन कराया जाएगा.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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