आनंद मोहन मानसिक रूप से बीमार, हमलोग उनका इलाज करवा देंगे, बाहुबली नेता के बयान पर जदयू का पलटवार

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 19 May 2026 2:59 PM

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आनंद मोहन

Anand Mohan JDU Controversy: पूर्व सांसद आनंद मोहन के बयानों से बिहार की राजनीति गरमा गई है. चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाए जाने को लेकर नाराजगी के बीच उन्होंने जदयू और नीतीश कुमार पर सवाल उठाए. इसके बाद जदयू नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया और नीतीश कुमार का अचानक पार्टी नेता के घर पहुंचना चर्चा में आ गया.

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Anand Mohan JDU Controversy: पूर्व सांसद आनंद मोहन की नाराजगी और बेटे जदयू के विधायक चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाये जाने को लेकर उनके बगावती तेवर के बीच मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पार्टी विधान पार्षद संजय सिंह के आवास पहुंचे. आनंद मोहन के बयानों का जवाब देने के लिए मंत्री लेशी सिंह के साथ ही संजय सिंह ने भी मोर्चा संभाला है.

नीतीश कुमार के उनके आवास पहुंचने को जदयू की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है.दरअसल, बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से आनंद मोहन लगातार जदयू और नीतीश कुमार पर हमलावर हैं. उनकी पत्नी लवली आनंद जदयू से सांसद और बेटे चेतन आनंद जदयू से विधायक हैं.

आनंद मोहन ने कहा था, नीतीश को किया जिंदा दफन

सीतामढ़ी में आयोजित एक कार्यक्रम में आनंद मोहन ने कहा था कि नीतीश कुमार को उनकी ही पार्टी के लोगों ने जिंदा दफन कर दिया है. उन्होंने निशांत कुमार को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने की चर्चाओं पर भी कटाक्ष किया था. यह भी कहा था कि पार्टी अब थैली वाली पार्टी बन गयी है. जिसने थैली पहुंचाई, वही मंत्री बना.

आनंद मोहन मानसिक बीमार : संजय सिंह

आनंद मोहन के बयान के बाद जदयू विधान पार्षद संजय सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि इस बयान से वह स्तब्ध हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा बयान मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही दे सकता है. जहां मानसिक हॉस्पिटल हो, वहां जाकर वो इलाज करवा सकते हैं. हमलोग उनका इलाज करवा देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें इतनी ही चिंता है तो पहले अपनी पत्नी और बेटे से इस्तीफा दिलवाकर मैदान में आयें, तब पता चल जाएगा.

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थैली लेकर मंत्री बनाए जाने की बात निराधार : लेशी सिंह

राज्य सरकार में वरिष्ठ मंत्री और जदयू नेता लेशी सिंह ने आनंद मोहन के बयानों को खारिज करते हुए कहा था कि थैली लेकर मंत्री बनाये जाने संबंधी बयान निराधार है. लेशी सिंह ने कहा कि पार्टी में दायित्व और पद व्यक्ति की क्षमता, कार्यशैली, संगठन के प्रति समर्पण और जनता के बीच स्वीकार्यता के आधार पर तय किये जाते हैं. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार हर नेता और कार्यकर्ता की क्षमता को भलीभांति समझते हैं और उसी आधार पर जिम्मेदारियां तय करते हैं.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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