बिहार चुनाव 2025: आपराधिक मुकदमे झेल रहे लोगों को टिकट देने में वामदल अव्वल, राजद दूसरे नंबर पर

11 दलों ने उतारे हैं आपराधिक मुकदमे झेल रहे उम्मीदवार.
Bihar Election 2025: एडीआर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 1314 में से 1303 उम्मीदवारों के शपथ पत्र का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि पहले चरण में चुनाव लड़ रहे इन 1303 में से 423 (32 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किये हैं.
Table of Contents
Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025 में आपराधिक मुकदमे झेल रहे उम्मीदवारों को टिकट देने में वामदल अव्वल हैं. भाकपा और माकपा के 100 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं, तो भाकपा माले के 93 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ क्रिमिनल केस चल रहे हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से मंगलवार को जारी रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. इस बार के विधानसभा चुनाव में कुल 121 महिला उम्मीदवार चुनाव लड़ रहीं हैं, जो कुल उम्मीदवारों का 9 प्रतिशत है.
एडीआर ने जारी की उम्मीदवारों की रिपोर्ट
एडीआर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे 1314 में से 1303 उम्मीदवारों के शपथ पत्र का अध्ययन करने के बाद यह रिपोर्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि पहले चरण में चुनाव लड़ रहे इन 1303 में से 423 (32 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किये हैं. इनमें से 354 यानी 27 फीसदी उम्मीदवारों ने बताया है कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं.
Bihar Election 2025: 33 उम्मीदवारों पर दर्ज हैं हत्या के मुकदमे
चुनाव लड़ रहे 33 उम्मीदवारों ने बताया है कि उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा चल रहा है. 86 उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को दिये हलफनामे में कहा है कि उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं. 42 प्रत्याशियों ने का है कि उनके खिलाफ महिला अपराध का मुकदमा दर्ज है. इनमें से 2 प्रत्याशी के विरुद्ध बलात्कार का मामला दर्ज है.
बिहार चुनाव की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
11 पार्टियों के उम्मीदवारों पर चल रहे क्रिमिनल केस
बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ रही 11 पार्टियों के उम्मीदवार ऐसे हैं, जो आपराधिक मामले झेल रहे हैं. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के 100 फीसदी उम्मीदवार क्रिमिनल केस झेल रहे हैं. भाकपा के सभी 5 और माकपा के सभी 3 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक केस का खुलासा किया है. भाकपा माले के 14 में से 13 (93 प्रतिशत) उम्मीदवारों पर केस दर्ज हैं.
राजद के 70 में 53 प्रत्याशी झेल रहे आपराधिक मुकदमे
इसके बाद नंबर आता है राजद का. राष्ट्रीय जनता दल के 70 उम्मीदवार पहले चरण मे चुनाव के मैदान में हैं. इनमें से 53 यानी 76 फीसदी ने बताया है कि उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. कांग्रेस के 23 में से 15 (65 प्रतिशत) उम्मीदवार आपराधिक केस झेल रहे हैं.
भाजपा के 48 में 31 प्रत्याशियों पर क्रिमिनल केस
दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी पीछे नहीं है. उसके 48 में से 31 यानी 65 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की घोषणा की है. लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) की पार्टी ने पहले चरण के चुनाव में 13 उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें 7 यानी 54 प्रतिशत के विरुद्ध क्रिमिनल केस चल रहे हैं.
जन सुराज के 44 प्रतिशत उम्मीदवार हैं दागी
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी के भी 44 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मुकदमों की जानकारी चुनाव आयोग को दी है. पहली बार चुनाव लड़ रही इस नयी पार्टी के 114 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिसमें से 50 यानी 44 प्रतिशत के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज हैं. जदयू ने 39 प्रतिशत और आम आदमी पार्टी ने 27 फीसदी दागी कैंडिडेट उतारे हैं. जदयू के 57 में 22 और आप के 44 में 12 उम्मीदवारों ने माना है कि वे आपराधिक मामले झेल रहे हैं.
इसे भी पढ़ें
बिहार चुनाव 2025: 7 दलों के महागठबंधन ने जारी किया 32 पेज का घोषणा पत्र, जनता से किये 25 वादे
Tejashwi Pran Patra: क्या है तेजस्वी प्रण पत्र! बिहार चुनाव से पहले क्या बोले तेजस्वी यादव
Bihar Election 2025: बुरे फंसे प्रशांत किशोर! चुनाव आयोग ने जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला
Anant Singh Networth: 37.18 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं अनंत सिंह, उनसे धनवान उनकी पत्नी
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




