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Amour Vidhan Sabha Chunav 2025: मुस्लिम वोट बैंक की सबसे बड़ी सियासी जंग शुरू, राजनीतिक उलटफेरों का गढ़ रहा है अमौर

Updated at : 10 Jul 2025 6:42 PM (IST)
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बिहार विधानसभा

बिहार विधानसभा

Amour Vidhan Sabha Chunav 2025: यह सीट पूरी तरह ग्रामीण है, जहां शहरी वोटर एक भी नहीं हैं. अनुसूचित जाति के मतदाता 4.1% (12,871) और अनुसूचित जनजाति के सिर्फ 0.71% (2,229) हैं. सड़क, शिक्षा, बिजली और स्वास्थ्य जैसे मुद्दे अक्सर जाति–धर्म आधारित राजनीति के नीचे दब जाते हैं.

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Amour Vidhan Sabha Chunav 2025: पूर्णिया जिले की अमौर विधानसभा सीट एक बार फिर बिहार की सियासत के केंद्र में है. 69.8% मुस्लिम आबादी वाली इस सीट पर 2025 का विधानसभा चुनाव न सिर्फ दलों की ताकत को परखेगा, बल्कि सीमांचल में मुस्लिम वोट बैंक की दिशा भी तय करेगा. यहां पर अब तक 18 चुनाव हो चुके हैं, जिनमें कांग्रेस ने 8 बार जीत दर्ज की, जबकि निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी 4 बार जीत हासिल कर यह साबित किया कि यहां चेहरा, पार्टी से बड़ा होता है. 2020 में AIMIM के अख्तरुल ईमान की जीत ने न सिर्फ अमौर, बल्कि सीमांचल में पार्टी को नई पहचान दी थी. अब सवाल यह है कि क्या वह फिर से AIMIM के टिकट पर उतरेंगे या फिर उनकी संभावित “घर वापसी” (RJD में) चुनावी समीकरण बदल देगी.

अमौर सीट पर 2025 में दिलचस्प मुकाबला तय 

अमौर ने कई बार चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं. 2010 में भाजपा के सबा जफर की जीत ने सभी को हैरान कर दिया था. हालांकि 2015 में कांग्रेस के अब्दुल जलील मस्तान ने वापसी की, लेकिन 2020 में AIMIM ने सीट छीन ली. अब RJD, कांग्रेस और AIMIM तीनों दल इस सीट को लेकर रणनीतिक मंथन में जुटे हैं. 

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सभी प्रमुख दलों की नजर अमौर पर

RJD, सीमांचल में AIMIM के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है और अख्तरुल ईमान को वापस लाकर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. उधर, कांग्रेस, जो कभी यहां की सबसे मजबूत पार्टी थी, अब पुराने जनाधार की वापसी के लिए नए चेहरे की तलाश में है. BJP, यहां कमजोर मानी जाती है, लेकिन सोशल इंजीनियरिंग और पिछड़े वर्गों के सहारे अपनी जगह बनाने की कोशिश कर सकती है.

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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