आज है गंगा दशहरा, करें इस चालीसा का पाठ, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि 

Published by : Neha Kumari Updated At : 25 May 2026 7:53 AM

विज्ञापन

माता गंगा (एआई तस्वीर)

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा के पावन दिन मां गंगा को समर्पित चालीसा का पाठ करना बेहद शुभ और फलदायक माना जाता है. कहा जाता है कि चालीसा का पाठ करने से मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता में वृद्धि होती है और पापमोचनी मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

विज्ञापन

Ganga Dussehra 2026: आज, 25 मई सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ ‘गंगा दशहरा’ मनाया जा रहा है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही पतित पावनी मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था. इसी उपलक्ष्य में हर वर्ष इस तिथि को यह पावन पर्व मनाया जाता है. इस दिन गंगा स्नान, मां गंगा की चालीसा का पाठ और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि गंगा दशहरा के दिन जो भी भक्त सच्चे मन से मां गंगा का ध्यान कर गंगा स्नान करता है और मां को अर्घ्य अर्पित करता है, उसके जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.

माता गंगा चालीसा 

दोहा

जय जय जय जग पावनी,

जयति देवसरि गंग.

जय शिव जटा निवासिनी,

अनुपम तुंग तरंग.

चौपाई

जय जय जननी हराना अघखानी,

आनंद करनी गंगा महारानी.

जय भगीरथी सुरसरि माता,

कलिमल मूल डालिनी विख्याता.

जय जय जहानु सुता अघ हनानी,

भीष्म की माता जगा जननी.

धवल कमल दल मम तनु सजे,

लखी शत शरद चंद्र छवि लजाई.

वहां मकर विमल शुची सोहें,

अमिया कलश कर लखी मन मोहें.

जदिता रत्ना कंचन आभूषण,

हिय मणि हर, हरानितम दूषण.

जग पावनी त्रय ताप नासवनी,

तरल तरंग तुंग मन भावनी.

जो गणपति अति पूज्य प्रधान,

इहूं ते प्रथम गंगा अस्नाना.

ब्रह्मा कमंडल वासिनी देवी,

श्री प्रभु पद पंकज सुख सेवि.

साथी सहस्त्र सागर सुत तरयो,

गंगा सागर तीरथ धरयो.

अगम तरंग उठ्यो मन भवन,

लखी तीरथ हरिद्वार सुहावन.

तीरथ राज प्रयाग अक्षैवेता,

धरयो मातु पुनि काशी करवत.

धनी धनी सुरसरि स्वर्ग की सीधी,

तरनी अमिता पितु पड़ पिरही.

भागीरथी ताप कियो उपारा,

दियो ब्रह्म तव सुरसरि धारा.

जब जग जननी चल्यो हहराई,

शम्भु जाता महं रह्यो समाई.

वर्षा पर्यंत गंगा महारानी,

रहीं शम्भू के जाता भुलानी.

पुनि भागीरथी शम्भुहीं ध्यायो,

तब इक बूंद जटा से पायो.

ताते मातु भें त्रय धारा,

मृत्यु लोक, नाभा, अरु पातारा.

गईं पाताल प्रभावती नामा,

मन्दाकिनी गई गगन ललामा.

मृत्यु लोक जाह्नवी सुहावनी,

कलिमल हरनी अगम जग पावनि.

धनि मइया तब महिमा भारी,

धर्मं धुरी कलि कलुष कुठारी.

मातु प्रभवति धनि मंदाकिनी,

धनि सुर सरित सकल भयनासिनी.

पन करत निर्मल गंगा जल,

पावत मन इच्छित अनंत फल.

पुरव जन्म पुण्य जब जागत,

तबहीं ध्यान गंगा महं लागत.

जई पगु सुरसरी हेतु उठावही,

तई जगि अश्वमेघ फल पावहि.

महा पतित जिन कहू न तारे,

तिन तारे इक नाम तिहारे.

शत योजन हूं से जो ध्यावहिं,

निशचाई विष्णु लोक पद पावहीं.

नाम भजत अगणित अघ नाशै,

विमल ज्ञान बल बुद्धि प्रकाशे.

जिमी धन मूल धर्मं अरु दाना,

धर्मं मूल गंगाजल पाना.

तब गुन गुणन करत दुख भाजत,

गृह गृह सम्पति सुमति विराजत.

गंगहि नेम सहित नित ध्यावत,

दुर्जनहूं सज्जन पद पावत.

उद्दिहिन विद्या बल पावै,

रोगी रोग मुक्त हवे जावै.

गंगा गंगा जो नर कहहीं,

भूखा नंगा कभुहुह न रहहि.

निकसत ही मुख गंगा माई,

श्रवण दाबी यम चलहिं पराई.

महं अघिन अधमन कहं तारे,

भए नरका के बंद किवारें.

जो नर जपी गंग शत नामा,

सकल सिद्धि पूरण ह्वै कामा.

सब सुख भोग परम पद पावहीं,

आवागमन रहित ह्वै जावहीं.

धनि मइया सुरसरि सुख दैनि,

धनि धनि तीरथ राज त्रिवेणी.

ककरा ग्राम ऋषि दुर्वासा,

सुन्दरदास गंगा कर दासा.

जो यह पढ़े गंगा चालीसा,

मिली भक्ति अविरल वागीसा.

दोहा

नित नए सुख सम्पति लहैं, धरें गंगा का ध्यान,

अंत समाई सुर पुर बसल, सदर बैठी विमान.

संवत भुत नभ्दिशी, राम जन्म दिन चैत्र,

पूरण चालीसा किया, हरी भक्तन हित नेत्र. 

यह भी पढ़ें: Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा है आज, जल्दी से नोट कर लें स्नान का शुभ मुहूर्त और मंत्र

विज्ञापन
Neha Kumari

लेखक के बारे में

By Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola