COVID 19 से लड़ने के लिए जिस Herd Immunity की चर्चा है, क्या है वह?

Author : Rajeev Kumar Published by : Prabhat Khabar Updated At : 21 Mar 2020 7:23 PM

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Herd Immunity to fight Coronavirus Outbreak: चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना नाम के राक्षस का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में दुनियाभर में इसे लेकर जागरूकता फैलाने और इससे बचने के उपाय तलाशने की कवायद चल पड़ी है.

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Herd Immunity Fight Coronavirus Outbreak: चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना नाम के राक्षस का आतंक बढ़ता ही जा रहा है. ऐसे में दुनियाभर में इसे लेकर जागरूकता फैलाने और इससे बचने के उपाय तलाशने की कवायद चल पड़ी है. लोगों को इस वायरस से बचे रहने के लिए कभी ढंग से हाथ धोने की सलाह दी जा रही है, तो कभी चेहरे पर मास्क लगाने की.

जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लोगों को अस्पतालों में भेज रही है. क्वारंटीन कर रही है. लोग आइसोलेशन में जा रहे हैं. ऐसे आलम में यूनाइटेड किंगडम के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार सर पैट्रिक वैलेंस ने सरकार को ऐसी सलाह दी कि जिससे वहां के लोगों के होश उड़ गये.

सर पैट्रिक वैलेंस की सलाह है कि देश की 60 प्रतिशत आबादी को कोरोना वायरस से संक्रमित कर दी जाए. इसके बाद सभी संक्रमित लोग कुछ दिन बाद इस वायरस से इम्यून हो जाएंगे. सर पैट्रिक वैलेंस की यह सलाह भले ही हैरतअंगेज और डरावनी लगे, लेकिन उनकी इस सलाह के पीछे एक बड़ी मेडिकल थ्योरी छिपी है. इसे हर्ड इम्यूनिटी कहते हैं.

कोरोना वायरस के बीच हर्ड इम्यूनिटी की बात हो रही है, जिसमें आबादी का एक बड़ा हिस्सा किसी बीमारी से ग्रसित होता है और उनमें से कई लोग रिकवर करते हैं. ऐसे लोगों को यह बीमारी दोबारा नहीं होती. हर्ड इम्यूनिटी शुरू होते ही आउटब्रेक अपने आप खत्म हो जाता है और बीमारी के लिए शिकार ढूंढना मुश्किल होता है.

पहला मामला सामने आने के तीन महीने बाद दुनियाभर में इससे 11,800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. लगभग 170 से अधिक देश कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं. लाखों की संख्या में लोग इससे संक्रमित हुए हैं. इस वायरस से संक्रमित लोगों के मौत के आंकड़ों ने दुनियाभर में दहशत का माहौल बना दिया है. यही नहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है.

भारत के लिए यह समय बेहद संवेदनशील है. दो सप्ताह तक हमने कोरोना को कंट्रोल में रखा है. तीसरे और चौथे सप्ताह में सबसे ज्यादा एहतियात बरतने की जरूरत है. क्योंकि दुनिया के सभी देशों में देखा गया है कि इसी समय कोरोना के विषाणु तेजी से फैलते हैं.

अगर भारत ने इस समय कोराेना को फैलने से रोक लिया, तो CoVID 19 पर यह बहुत बड़ी जीत मानी जाएगी. यदि आप भारत को जीतता हुआ देखना चाहते हैं, तो सावधान रहें, सतर्क रहें और कोरोना का कोई भी लक्षण दिखे तो सीधे डॉक्टर से संपर्क करें.

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राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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