#CassiniFinale : ''शनि'' के फेरे में पड़ा नासा का कैसिनी, उलटी गिनती शुरू, अब जल कर राख होगा...!
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Sep 2017 7:56 PM
वाशिंगटन: नासा का रोबोट स्पेस क्राफ्ट कैसिनी शनि ग्रह के अपने अभियान के अंतिम पड़ाव में है. अपनी 20 साल की ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में कैसिनी 113,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वलयाकार ग्रह की ओर बढ़ रहा है. बताते चलें कि नासा का रोबोट स्पेस क्राफ्ट कैसिनी पिछले 13 सालों से […]
वाशिंगटन: नासा का रोबोट स्पेस क्राफ्ट कैसिनी शनि ग्रह के अपने अभियान के अंतिम पड़ाव में है. अपनी 20 साल की ऐतिहासिक यात्रा के अंतिम चरण में कैसिनी 113,000 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से वलयाकार ग्रह की ओर बढ़ रहा है.
बताते चलें कि नासा का रोबोट स्पेस क्राफ्ट कैसिनी पिछले 13 सालों से शनि ग्रह के चक्कर लगा रहा है और अब ग्रह का अंतिम चक्कर लगाने के लिए तैयार है. इसके बाद 15 सितंबर को कैसिनी को शनि के सबसे बड़े चंद्रमा टाइटन के वायुमंडल में भेजा जायेगा, जहां वह जल कर राख हो जायेगा.
अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी ने बताया है कि कैसिनी शनि ग्रह की सीमा में प्रवेश करने जा रहा है, जो शनि ग्रह के उपग्रहों, विशेषकर एनसेलाडस की सतह पर मौजूद उन सागर एवं हाइड्रोथर्मल गतिविधियों के संकेतों को सुनिश्चित करेगा, जो अब तक भविष्य की खोज से दूर दुनिया के वैज्ञानिकों की नजरों से अनछुए थे.
मिशन के ग्रैंड फिनाले के तहत अंतरिक्ष यान की यह अंतिम यात्रा 15 सितंबर को पूरी होगी. अब तक कोई अंतरिक्ष यान इससे पहले इस ग्रह के इतना करीब नहीं पहुंचा था. मिशन की अंतिम गणनाओं में अनुमान है कि ग्रह के अनुमानित वायुमंडल से करीब 1,915 किलोमीटर ऊपर की ऊंचाई पर पहुंचने के एक मिनट बाद अंतरिक्ष यान कैसिनी के साथ संपर्क टूट जायेगा.
ग्रह के वायुमंडल में गोता लगाने के दौरान यान की गति करीब 113,000 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. अमेरिका में नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (जेपीएल) में कैसिनी प्रोजेक्ट मैनेजर अर्ल मेज ने कहा, अंतरिक्ष यान का अंतिम संकेत किसी प्रतिध्वनि के समान होगा और यह कैसिनी के स्वयं जाने के बाद समूची सौर प्रणाली में करीब डेढ़ घंटा के लिए प्रसारित होगा.
मेज ने कहा, हम यह जानते हैं कि कैसिनी की यह अंतिम यात्रा है, क्योंकि कैसिनी पहले ही अपने अंतिम मुकाम पर पहुंच गया है. हालांकि उसकी यात्रा हकीकत में हमारे लिए खत्म नहीं हुई है क्योंकि हमें अब तक उससे संकेत मिल रहे हैं. कैसिनी से अंतिम संचार ऑस्ट्रेलिया में नासा के डीप स्पेस नेटवर्क कांप्लेक्स में एंटेना को प्राप्त होगा.
यहां यह जानना गौरतलब है कि कैसिनी को नासा, इएसए और स्पाजियाले इटालिना ने एक साझा प्रोजेक्ट के तहत अंतरिक्ष में भेजा था. इसे 1997 में 15 अक्तूबर को लांच किया गया था और 2004 में 30 जून को इसने शनि की कक्षा में प्रवेश किया था. कैसिनी का मिशन चार साल का तय किया गया था, लेकिन इसके बढ़िया प्रदर्शन को देखते हुए इसका मिशन दो बार बढ़ाया गया.
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