यूएस-ईरान जंग: 12 घंटे बाद खत्म होने वाला है ट्रंप का अल्टीमेटम, क्या ईरान को 'नर्क' बना देगा अमेरिका?

Published by : Pritish Sahay Updated At : 07 Apr 2026 9:26 AM

विज्ञापन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो- पीटीआई

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बेहद गंभीर हो गया है. ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक की आखिरी चेतावनी दी है. वहीं ईरान ने अमेरिका के 45 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ईरान ने साफ कहा है कि वह सिर्फ कुछ दिनों के लिए युद्ध रोकने को तैयार नहीं है, बल्कि इस लड़ाई का हमेशा के लिए अंत चाहता है.

विज्ञापन

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच जंग अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंचता जा रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते और होर्मुज को पूरी तरह खोलने के लिए मंगलवार (7 अप्रैल) की रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय तक तेहरान ने शर्तें नहीं मानीं, तो अमेरिका बड़ा सैन्य एक्शन ले सकता है. ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका एक ही रात में ईरान को तबाह कर सकता है. उन्होंने पुलों, पावर प्लांट और दूसरे अहम असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की भी धमकी दी है.

पीट हेगसेथ ने कहा- बहुत बड़ा हमला करेगा अमेरिका

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी ईरान को बर्बाद करने की धमकी दी है. उन्होंने सोमवार को कहा- ‘आज सबसे अधिक हमले होंगे और कल, आज से भी अधिक हमले किए जाएंगे.’ उन्होंने कहा कि समझौता करने के लिए ईरान को दी गई मोहलत मंगलवार रात आठ बजे तक की ही है. इसके बाद अमेरिका एक्शन ले सकता है.

ईरान ने कही युद्ध के स्थायी अंत की बात

ट्रंप की धमकियों के बीच ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. ईरान ने कहा है कि वह सिर्फ कुछ दिनों के लिए युद्ध रोकने को तैयार नहीं है, बल्कि इस लड़ाई का हमेशा के लिए अंत चाहता है. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के मुताबिक- तेहरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना जवाब भेज दिया है. काहिरा में ईरानी राजनयिक मिशन के प्रमुख मुज्तबा फरदौसी पोर ने कहा- ईरान सिर्फ युद्धविराम नहीं, बल्कि ऐसी गारंटी चाहता है कि उस पर दोबारा हमला नहीं होगा. उन्होंने साफ कहा कि जब तक सुरक्षा की पक्की गारंटी नहीं मिलती, तब तक ईरान किसी अस्थायी सीजफायर को स्वीकार नहीं करेगा. फरदौसी पोर ने यह भी बताया कि होर्मुज को लेकर ईरान और ओमान के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं. दोनों देश इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही और उसके संचालन के लिए एक नई व्यवस्था तैयार करने की कोशिश में हैं.

इजराइल ने साउथ पार्स पर किया बड़ा हमला

इजराइल ने सोमवार को ईरान के साउथ पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर एक बार फिर बड़ा हमला किया. यह हमला एक पेट्रो-रसायन संयंत्र को निशाना बनाकर किया गया. इजराइली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह ईरान के सबसे बड़े पेट्रो-रसायन संयंत्र पर किया गया एक बड़ा ऑपरेशन था. इस संयंत्र से ईरान के करीब 50 प्रतिशत पेट्रो-रसायन उत्पादन होता है, इसलिए इस हमले को ईरान की ऊर्जा और औद्योगिक क्षमता पर बड़ा झटका माना जा रहा है. साउथ पार्स गैस क्षेत्र दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है.

अमेरिकी और इजराइली हमले में ईरान को भारी नुकसान

इजराइल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर कई बड़े हमले किए, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी तबाही हुई. कई इलाकों में जोरदार धमाके हुए और आसमान में धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए. रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में 25 से अधिक लोगों की मौत हुई है. राजधानी तेहरान में भी देर तक धमाकों की गूंज सुनाई देती रही. एक हवाई हमले में शरीफ प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी परिसर को निशाना बनाए जाने के बाद आजादी चौक के पास से घना धुआं उठता देखा गया.

रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया मेजर जनरल माजिद खादेमी की मौत

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तेहरान पर हुए हमलों में मारे गए लोगों में ईरान के अर्धसैनिक संगठन रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी भी शामिल हैं. खादेमी की मौत को ईरान की सुरक्षा और खुफिया व्यवस्था के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वहीं इजराइली सेना ने दावा किया है कि इन हमलों में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की खुफिया इकाई कुद्स फोर्स के प्रमुख असगर बाकेरी भी मारे गए हैं.

ईरान ने भी किया जोरदार पलटवार

इजराइली हमलों के बाद ईरान ने भी जोरदार पलटवार किया है. ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागीं. वहीं, उत्तरी इजराइल के हाइफा शहर पर भी ईरानी मिसाइलों से हमला किया गया. हाइफा में एक रिहायशी इमारत के मलबे से चार शव बरामद हुए हैं. उधर, हालात बिगड़ते देख कुवैत, यूएई और सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के लिए अपनी एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह सक्रिय कर दी है.

39 दिन की लड़ाई में भारी तबाही

ईरान पर अमेरिका और इजराइल हमले के 39 दिन पूरे हो चके हैं, यानी 936 घंटे से लड़ाई जारी है. समय के इस अंतराल में पूरी दुनिया ने सिर्फ विध्वंस, बमों और मिसाइलों का काला धुआं देखा है. एक तरफ अमेरिका और इजराइल ईरान पर घातक हमला कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है. मिडिल ईस्ट अब सिर्फ नक्शे का हिस्सा नहीं है. यह सबसे बड़ा वॉर जोन बन गया है. ट्रंप की डेडलाइन भी अगले कुछ घंटों में खत्म होने वाली है. ऐसे में अगर अमेरिका बड़ा हमला करता है तो मिडिल ईस्ट में और बड़ी लड़ाई छिड़ सकती है.

Also Read: 7 अप्रैल की टॉप 20 खबरें: दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा चूक, ईरान ने नकारा अमेरिका का 15-पॉइंट प्लान

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola