जंग रुकी, लेकिन ट्रंप फंसे! सीजफायर के बाद अमेरिका में होने लगी इस्तीफे की मांग

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो सोर्स- पीटीआई
Donald Trump: अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने अमेरिका-ईरान सीजफायर को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूर्ण सरेंडर करार दिया है. मर्फी का कहना है कि इस समझौते से ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण मिल गया है. ट्रंप का अमेरिका में भी विरोध हो रहा है, कई लोग 25वें संशोधन लाने की मांग कर रहे हैं.
Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद की तय डेडलाइन खत्म होने से करीब 90 मिनट पहले सीजफायर की घोषणा कर दी. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर ईरान के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति जताई है. लेकिन सीजफायर के बाद ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई है. डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता ट्रंप की आलोचना करने के साथ उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहे हैं. अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने भी ईरान के खिलाफ लड़ाई के ऐसे अंत को ट्रंप का पूर्ण समर्पण करार दिया है. टीवी चैनल सीएनएन पर उन्होंने कहा कि इससे ईरान को होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण मिल गया है.
…यह अच्छा परिणाम कैसे हो सकता है- सीनेटर मर्फी
अमेरिकी सिनेटर मर्फी ने कहा- अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोल भी देता है, तो यह अच्छा परिणाम कैसे हो सकता है? पूरा क्षेत्र संकट में है. वैश्विक अर्थव्यवस्था को उबरने में एक साल या उससे अधिक समय लगेगा. एक अमेरिका विरोधी शासन सत्ता में है और उसका हौसला बढ़ गया है. ईरान के पास अभी भी मिसाइलें और परमाणु कार्यक्रम हैं. क्या यह अच्छा है?
सीनेटर मर्फी ने कहा- होर्मुज पर बढ़ेगा ईरान का नियंत्रण
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उसकी 10 सूत्री योजना पर सहमति जताई है. मर्फी के मुताबिक, अगर यह दावा सही है, तो इसका मतलब होगा कि ईरान को होर्मुज पर नियंत्रण मिलेगा, वह अपना परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल गतिविधियां जारी रख सकेगा, और उस पर लगे प्रतिबंध भी हटाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि अगर यह सच नहीं है-और उम्मीद है कि ऐसा न हो- तो फिर यह इस बात का संकेत है कि वास्तव में अभी कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है.
सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने बताया ट्रंप को अमेरिका के लिए खतरा
अमेरिकी वेबसाइट सिटी इनसाइडर की एक रिपोर्ट के मुताबिक डेमोक्रेट पार्टी के वरिष्ठ सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने भी सार्वजनिक रूप से सुझाव दिया कि ट्रंप अमेरिका के लिए खतरा हैं. सीनेटर मर्फी ने ट्रंप के ईस्टर वाले बयान पर कहा- अगर मैं ट्रंप के मंत्रिमंडल में होता, तो ईस्टर के दिन मैं संवैधानिक वकीलों से 25वें संशोधन के बारे में बात करता. इसके अलावा भी अमेरिका में ट्रंप को पद से हटाने की मांग हो रही है. पूर्व रिपब्लिकन सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने भी ट्रंप के पूरी सभ्यता को नष्ट करने वाले बयान की निंदी की है.
क्या है अमेरिका का 25वां संशोधन?
वेबसाइट सिटी इनसाइडर के मुताबिक- अमेरिकी संविधान का 25वां संशोधन राष्ट्रपति को पद से हटाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है. इसके तहत राष्ट्रपति को अयोग्य घोषित करने के लिए उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल का बहुमत जरूर होता है. इसे 1967 में अनुमोदित किया गया था और अब तक इसका कभी प्रयोग नहीं हुआ है.
क्या पद से हटाये जा सकते हैं ट्रंप?
सिटी इनसाइडर के अनुसार क्विनीपियाक यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर स्कॉट मैकलीन का कहना है कि 25वें संशोधन का उपयोग आसान नहीं है. उन्होंने कहा- आज के पक्षपातपूर्ण राजनीतिक माहौल को देखते हुए, मुझे नहीं लगता कि कोई उपराष्ट्रपति और मंत्रिमंडल किसी मौजूदा राष्ट्रपति को पद से हटा पाएंगे. केवल तभी इस पर विचार होगा जब राष्ट्रपति ऐसा कदम उठाएं जिससे अमेरिका के हितों को गंभीर नुकसान पहुंचे और कोई और विकल्प न बचे. फिलहाल मुझे नहीं लगता कि ऐसी स्थिति मौजूद है.
Also Read: जंग थमी, खुलेगा होर्मुज… लेकिन क्या दुनिया से कीमत वसूलेगा ईरान?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




