US रक्षा मंत्री का दावा: इतिहास में पहली बार ईरान की मॉडर्न मिलिट्री का हुआ पूरी तरह सफाया

Author Govind jee
Updated:
विज्ञापन

तस्वीर में अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ

Pete Hegseth Claim: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वॉर सेक्रेटरी (रक्षा मंत्री) पीट हेगसेथ ने बुधवार को एक बहुत बड़ा दावा किया है. उन्होंने होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी के शपथ ग्रहण समारोह में कहा कि इतिहास में पहली बार किसी आधुनिक सेना (ईरान) को इतनी तेजी से और पूरी तरह से खत्म किया गया है.

विज्ञापन

Pete Hegseth Claim: उन्होंने साफ कर दिया कि ट्रंप प्रशासन ईरान को किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बनाने देगा. हेगसेथ के मुताबिक, अमेरिका की ताकत के आगे ईरान की सेना पहले दिन से ही ढेर हो गई.पीट हेगसेथ ने कड़े शब्दों में कहा कि अमेरिकी सेना तेहरान के ऊपर पूरी ताकत के साथ मौजूद है और वहां की सरकार के पास अब बहुत कम रास्ते बचे हैं.

विज्ञापन

वॉर डिपार्टमेंट का काम यह पक्का करना है कि ईरान के पास परमाणु क्षमता कभी न आए. हेगसेथ ने कहा कि जब तक अमेरिका के हित सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे. उनके अनुसार, यह सब एक ऐतिहासिक तरीके से अंजाम दिया जा रहा है.

ईरान की नेवी और एयरफोर्स हो चुकी है खत्म

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस मौके पर बड़ी बातें कहीं. उन्होंने दावा किया कि अगर उन्होंने 2015 की परमाणु डील (JCPOA) को खत्म नहीं किया होता, तो ईरान के पास 3-4 साल पहले ही परमाणु बम होता. ट्रंप ने कहा, “हमने ईरान की परमाणु ताकत की धज्जियां उड़ा दी हैं.” उन्होंने यह भी जानकारी दी कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार व्यवस्था अब पूरी तरह तबाह हो चुकी है. ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका ने यह युद्ध जीत लिया है और अब वे ईरान के किसी भी पावर प्लांट को जब चाहें तबाह कर सकते हैं.

शांति समझौते के लिए ट्रंप का 15 सूत्रीय प्लान

न्यूयॉर्क पोस्ट और द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने जंग रोकने के लिए एक 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है. पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने भी इसमें मध्यस्थता की इच्छा जताई है. इस प्लान में मुख्य रूप से तीन बड़ी मांगें हैं:

  • ईरान अपना पूरा परमाणु प्रोग्राम खत्म करे और अंतरराष्ट्रीय जांच की अनुमति दे.
  • ईरान अपनी मिसाइलों की रेंज कम करे और उनका इस्तेमाल सिर्फ बचाव के लिए करे.
  • ईरान क्षेत्रीय गुटों (जैसे हिजबुल्लाह और हूतियों) को पैसा और हथियार देना बंद करे.

बदले में ईरान को क्या मिलेगा?

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरान इन शर्तों को मानता है, तो अमेरिका उस पर लगे सारे कड़े प्रतिबंध हटा लेगा. साथ ही, ईरान को निगरानी में सिविलियन न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाने की छूट दी जाएगी. हालांकि, ईरान की तरफ से अभी इन बातों को ‘फेक’ बताया जा रहा है. जानकारों का कहना है कि ईरान इतनी आसानी से अपनी मिसाइल ताकत और क्षेत्रीय प्रभाव को कम नहीं करना चाहेगा, क्योंकि यह उसकी सुरक्षा का मुख्य आधार है.

ये भी पढ़ें: ट्रंप ने ईरान को दिया 15 पॉइंट्स वाला खास शांति प्लान, पाकिस्तान बना बिचौलिया

ईरान ने भेजा अमेरिका को ‘खास तोहफा’

ट्रंप ने बातचीत के बीच एक दिलचस्प खुलासा किया. उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से उन्हें तेल और गैस से जुड़ा एक बहुत कीमती ‘तोहफा’ मिला है. ट्रंप के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि वे सही लोगों से बात कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि वे किसी पर भरोसा नहीं करते. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की पुरानी लीडरशिप (खामेनेई समेत) अब खत्म हो चुकी है और वे अब एक नए गुट से डील कर रहे हैं, जो बातचीत के लिए तैयार है.

क्या रुक जाएगी जंग?

फिलहाल ट्रंप ने ईरान के एनर्जी ठिकानों पर होने वाले हमलों पर 5 दिन की रोक लगाई है. रॉयटर्स और द गार्जियन के मुताबिक, यह शांति प्रस्ताव पुराने परमाणु समझौते जैसा ही है, लेकिन युद्ध के मौजूदा माहौल में इसे लागू करना काफी मुश्किल दिख रहा है. ईरान अब युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा और भविष्य में हमलों से बचने की गारंटी भी मांग सकता है.

ये भी पढ़ें: 1971 नरसंहार पर बोले बांग्लादेशी PM: ‘पाकिस्तानी सेना ने किया था प्री-प्लांड कत्लेआम’

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola