NTA दो फेज में कराए NEET एग्जाम, परीक्षा कैंसल होने पर आग बबूला हुए रांची के शिक्षक 

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सांकेतिक AI जेनरेटेड तस्वीर

NEET UG 2026: जिनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, उनके लिए एग्जाम सेंटर तर पहुंचने का खर्च निकालना ही मुश्किल है. ऐसे में बार-बार परीक्षा कैंसल होने से छात्रों की परेशानी बढ़ जाती है.

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NEET UG 2026: नीट यूजी परीक्षा को लेकर जहां एक तरफ देशभर के छात्र आक्रोशित दिख रहे हैं. वहीं दूसरी ओर शिक्षक भी नाराज हैं. NTA ने बीते रोज (12 मई 2026) नीट यूजी 2026 एग्जाम को रद्द कर दिया. ऐसे में शिक्षकों का कहना है कि बार-बार इस तरह की गड़बड़ी से स्टूडेंट्स का मनोबल टूटता और सरकार और NTA जैसी एजेंसी से उनका भरोसा उठता है. इस कड़ी में प्रभात खबर की डिजिटल टीम ने रांची के कुछ शिक्षकों से बात की. आइए, जानते हैं उनका क्या कहना है.

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दोबार परीक्षा से छात्रों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा

मेडिकल कोचिंग क्लासेज BIOME के डायरेक्टर पंकज सिंह ने इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि छात्रों को फिर से खर्च करके एग्जाम सेंटर पहुंचना होगा. जिनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, उनके लिए एग्जाम सेंटर तर पहुंचने का खर्च ही बड़ी मुसीबत है. छात्रों की मेहनत बर्बाद गई. कुछ ने तो पढ़ाई भी छोड़ दी होगी. सरकार को एक्शन लेना चाहिए

दो लेवल में कराई जाए NEET UG परीक्षा

पंकज सिंह ने कहा कि NEET UG 2026 की परीक्षा दो लेवल में कराई जानी चाहिए. प्रीलिम्स और मेन्स. मेन्स परीक्षा में सेंटर कम कर देने चाहिए. उन्होंने कहा कि अभी बहुत सारे सेंटर पर परीक्षा होती है, इससे भी पेपर लीक और इस तरह की गड़बड़ियों का खतरा बढ़ता है. यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार NEET परीक्षा 5,432 से ज्यादा सेंटर पर आयोजित की गई.

परीक्षा रद्द होने से छात्रों को होती है निराशा

रांची के DPS स्कूल के केमिस्ट्री के शिक्षक अमरदीप कुमार ने कहा कि NEET UG कोई छोटी-मोटी परीक्षा नहीं है. ये एक बड़ी परीक्षा है, नेशनल लेवल की. साल में एक बार ही होती है. ऐसे में इस तरह से एग्जाम का कैंसल हो जाना छात्रों के लिए काफी चिंताजनक है. उन्होंने आगे कहा कि ये परीक्षा पेन पेपर मोड में होती है. ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए काफी टफ होता है पेपर लिखना. बच्चे हतोत्साहित हो जाते हैं.

शिक्षक ने बताया किसे मिलेगा फायदा

आगे उन्होंने कहा कि लेकिन राहत भरी खबर ये है कि इस बार पेपर लीक का मामला बहुत जल्दी पकड़ में आ गया. 2024 में पेपर लीक का मामला बहुत लंबा चला था. वहीं स्टूडेंट्स की तैयारी पर उन्होंने कहा कि जिन स्टूडेंट्स ने तैयारी के साथ परीक्षा दी थी, उनके लिए तो बुरा हुआ. लेकिन जिन्होंने कम तैयारी की थी, ये उनके लिए सुनहरा मौका है.

छात्राओं की बढ़ी परेशानी

वहीं सेकंड राउंड में पेपर टफ होने की बात को लेकर अमरदीप ने कहा कि ये सच बात है कि सेकंड राउंड में पेपर टफ होता है. लेकिन जो बच्चा अच्छे से तैयारी करता है, उसके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है. छात्राओं की परेशानी हाइलाइट करते हुए उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपने माता-पिता के साथ सेंटर पर जाना होता है तो ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ गई.

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